Summer express/कुरुक्षेत्र/गुरदीप सिंह गुजराल-:भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते के विरोध में चलाए जा रहे अभियान के तहत सोमवार को पिहोवा क्षेत्र से बड़ी संख्या में किसान दिल्ली के किसान घाट पर आयोजित एक दिवसीय प्रदर्शन में भाग लेने के लिए रवाना हुए। प्रदर्शन में शामिल किसानों का कहना है कि प्रस्तावित समझौता कृषि क्षेत्र और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है, इसलिए इसे लागू करने से पहले व्यापक विचार-विमर्श किया जाना चाहिए।
युवा किसान नेता प्रिंस वड़ैच ने बताया कि इस विरोध प्रदर्शन में देश के विभिन्न राज्यों से 120 से अधिक किसान संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होने पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों का उद्देश्य अपनी मांगों को लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से सरकार के सामने रखना है। उनका कहना है कि कृषि से जुड़े मुद्दों पर किसानों की राय को प्राथमिकता दी जानी चाहिए और किसी भी बड़े व्यापारिक समझौते से पहले सभी पक्षों से चर्चा आवश्यक है।प्रिंस वड़ैच ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन से पहले कई किसान नेताओं और संगठन पदाधिकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया। उन्होंने दावा किया कि भारतीय किसान यूनियन के नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी सहित कई प्रमुख नेताओं पर कार्रवाई की गई, जिससे किसानों में नाराजगी है। किसानों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों को लेकर दिल्ली पहुंचे हैं और सरकार से अपेक्षा करते हैं कि उनकी बात सुनी जाए। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए प्रशासन ने भी आवश्यक इंतजाम किए हैं।