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पांगी की लाइफलाइन सड़क बनी जानलेवा, हर सफर में हादसे का खत

Summer express, चंबा। हिमाचल प्रदेश की पांगी घाटी को लाहौल और कुल्लू से जोड़ने वाला संसारी-किलाड़-तिंदी-थिरोट सड़क मार्ग आज भी यात्रियों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा दुर्गम पहाड़ों को काटकर तैयार की गई यह सड़क क्षेत्र की जीवनरेखा मानी जाती है, लेकिन वर्षों बाद भी इसका बड़ा हिस्सा कच्चा और अत्यंत जोखिम भरा है। खासकर मानसून के मौसम में भूस्खलन, मलबा और चट्टानें गिरने की घटनाएं लगातार बढ़ने से इस मार्ग पर सफर करना जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है।

तिंदी से किलाड़ तक करीब 105 किलोमीटर लंबे इस मार्ग में लगभग 60 किलोमीटर हिस्सा तिंदी से पांगी सीमा तक और करीब 45 किलोमीटर बंबल ढांक से किलाड़ तक अब भी पूरी तरह पक्का नहीं हो पाया है। कच्ची सड़क पर एक ओर कमजोर पहाड़ों से गिरते पत्थरों का खतरा बना रहता है, जबकि दूसरी ओर गहरी चंद्रभागा नदी यात्रियों के लिए लगातार भय का कारण बनी रहती है।

इस मार्ग पर कई ऐसे संकरे मोड़ हैं, जहां एक समय में केवल एक ही वाहन निकल सकता है। सामने से वाहन आने पर दूसरे वाहन को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। जगह-जगह ढीली चट्टानें, टूटते पहाड़ और गहरी खाइयां इस सड़क को प्रदेश के सबसे जोखिमपूर्ण मार्गों में शामिल करती हैं। इन दिनों बीआरओ सड़क चौड़ीकरण का कार्य कर रहा है, जिसके तहत कई स्थानों पर लगातार ब्लास्टिंग की जा रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण के लिए किए जा रहे लगातार विस्फोटों से पहाड़ और अधिक कमजोर हो रहे हैं। इसके चलते चट्टानें और मलबा गिरने की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता और गहरा गई है।

पांगी घाटी के हजारों लोग इलाज, शिक्षा, व्यापार और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए इसी सड़क पर निर्भर हैं। सर्दियों के दौरान भी लंबे समय तक यही मार्ग घाटी को बाहरी क्षेत्रों से जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क साधन बना रहता है। ऐसे में इस सड़क की खराब स्थिति स्थानीय लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनी हुई है।

हाल ही में गोरना के पास हुए दर्दनाक सड़क हादसे के बाद लोगों में भय और बढ़ गया है। स्थानीय निवासी मान सिंह, देवराज, पवन कुमार, दलीप सिंह, अशोक कुमार और रोहित सिंह ने सरकार, जिला प्रशासन और सीमा सड़क संगठन से संवेदनशील स्थानों पर मजबूत सुरक्षा दीवारें बनाने, चेतावनी संकेतक लगाने तथा अन्य आवश्यक सुरक्षा इंतजाम जल्द सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

Karuna

infosummerexpress@gmail.com

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