Summer express, ऊना, राकेश। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर ऊना स्थित शहीदी स्मारक में जिला प्रशासन, पूर्व सैनिकों और गणमान्य नागरिकों ने देश की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान दो मिनट का मौन रखकर शहीदों की अमर शहादत को नमन किया गया।
कार्यक्रम में एडीसी ऊना ईशान जसवाल सहित अन्य अधिकारियों और पूर्व सैनिकों ने शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। ईशान जसवाल ने कहा कि कारगिल विजय दिवस केवल एक दिवस नहीं, बल्कि भारतीय सेना के अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति और बलिदान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि कारगिल की दुर्गम और बर्फीली चोटियों पर भारतीय जवानों ने विपरीत परिस्थितियों में दुश्मन का डटकर मुकाबला किया और अपने प्राणों की आहुति देकर तिरंगे की शान कायम रखी।
उन्होंने कहा कि वीर जवानों ने यह साबित किया कि देश सर्वोपरि है। उनका राष्ट्र के प्रति प्रेम, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा हर भारतीय के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने युवाओं से शहीदों के आदर्शों से प्रेरणा लेने, देशभक्ति की भावना को जीवन में अपनाने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर पूर्व सैनिकों ने कारगिल युद्ध से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि आज देशवासी जिस स्वतंत्र वातावरण में जीवन जी रहे हैं, वह वीर सैनिकों के त्याग और बलिदान का परिणाम है। हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह शहीदों के सम्मान के साथ-साथ देश की एकता और अखंडता को सर्वोच्च प्राथमिकता दे।
कार्यक्रम का समापन शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि और ‘भारत माता की जय’ तथा ‘वंदे मातरम्’ के गगनभेदी नारों के साथ हुआ।