Summer express, पानीपत। पानीपत पुलिस ने एक शिक्षण संस्थान संचालक से 7 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के मामले का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद प्रेसवार्ता के दौरान मीडिया के सामने पेश किया और पूरे मामले की जानकारी साझा की।
पुलिस के अनुसार, शहर के एक शिक्षण संस्थान संचालक को फोन कॉल के जरिए 7 करोड़ रुपये की रंगदारी देने की धमकी दी गई थी। मामला सामने आने के बाद इसकी सूचना पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह के संज्ञान में लाई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश देते हुए जांच की जिम्मेदारी सीआईए-वन टीम को सौंपी।
सीआईए-वन ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और खुफिया सूचना तंत्र की मदद से जांच को आगे बढ़ाया। लगातार निगरानी और छानबीन के बाद पुलिस ने चार आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का दावा है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ ही रंगदारी मांगने की इस साजिश का बड़ा हिस्सा उजागर हो गया है।
प्रारंभिक जांच में पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपियों ने शिक्षण संस्थान संचालक को ही निशाना क्यों बनाया और इस पूरे षड्यंत्र में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि रंगदारी नेटवर्क और इसके संभावित सरगनाओं तक पहुंचा जा सके।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि उनका संबंध किसी संगठित गिरोह से तो नहीं है और क्या वे पहले भी इस तरह की वारदातों में शामिल रहे हैं।
7 करोड़ रुपये जैसी बड़ी रकम की रंगदारी मांगने के मामले में चार आरोपियों की गिरफ्तारी को पानीपत पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और यदि मामले में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।