सुनील | लुधियाना
समर न्यूज
पार्सल विभाग में भोले भाले लोगों को बाइक पार्सल करवाने के नाम पर प्राइवेट एजेंटों द्वारा लूटने का सिलसिला बंद नहीं हो रहा। चाहे इस मामले में रेल के रेल अधिकारियों ने सख्ती तो की है लेकिन नाम की। अधिकारियों ने मौखिक आदेश जारी कर बाबू को एजेंट से दूर रहने के आदेश दिए गए हैं। लेकिन एजेंटों का मानना है कि काम आज भी वैसे ही हो रहा है। बस तरीका बदल लिया कि सरकारी सीट पर बैठे बाबुओं पर कोई आंच ना आए।
तरीका यह अपनाया कि बाइक बुक करवाने के लिए आने वाले हर व्यक्ति से कुछ इस तरह लिखित लिया जा रहा है कि वह खुद बाइक बुक करवा रहा है, इसमें किसी प्राइवेट एजेंट का कोई लेनदेन नहीं। लेकिन इसके पीछे की असलियत कुछ और ही है जो कि चौका देने वाली है और पुलिस भी इसकी पुष्टि कर रही है।
प्राइवेट एजेंट बड़ी सतर्कता
से कर रहे काम
पहले तो प्राइवेट एजेंट हर उस व्यक्ति पर निगाह रखते थे जो कि रेलवे स्टेशन पर बाइक पार्सल करवाने के लिए पहुंचता था। अब स्टाइल बदल गया है। अब एजेंट पार्सल करवाने आए व्यक्ति पर निगाह तो रखते हैं लेकिन बड़ी सतर्कता के साथ। चाहे सूट बूट वाला व्यक्ति हो या मजदूर दिखने वाला व्यक्ति। हर व्यक्ति को वह बातचीत करने के दौरान भांप लेते हैं। थोड़ा सा भी शक होने पर उसको सीधा पार्सल का रास्ता दिखा देते हैं जबकि कइयों को घेर कर बाइक पार्सल करवाने के नाम पर ओवर चार्ज करते हैं। खुद एजेंट मानते हैं कि मामला जग जाहिर होने के बाद खर्च बढ़ गए हैं।
ऐसे किया जा रहा बुक
नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर एक एजेंट ने बताया कि काम अब भी हो रहा है। अब फरमान जारी हुए हैं कि जिस भी प्राइवेट एजेंट ने अपने ग्राहक का बाइक पार्सल करवाना है वह काउंटर पर उसका साथी बनकर आएगा। काउंटर पर बाइक बुक करवाने वाले आवेदक से लिखवाया जा रहा है कि वह खुद बाइक बुक करवाने आया है। ऐसे लोगों की ज्यादातर ऑनलाइन पेमेंट ली जा रही है ताकि कोई शक भी न हो।
जल्द दबिश देंगे
हमारे पास दस्तावेज के नाम पर कई पुख्ता सबूत है। अक्सर ऐसा होता है कि जब भी किसी को पकड़ा जाता है तो वह कोई ना कोई तर्क दे कर छूट जाता है। लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा। पूरे सबूत के साथ दबिश देकर ओवरचार्ज करने वालों को काबू करेंगे।
जतिंदर सिंह, एसएचओ जीआरपी लुधियाना