लक्की भट्टी | लुधियाना
समर न्यूज
सावन माह के सोमवार को शहर के प्रमुख शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह चार बजे से ही श्रद्धालु भगवान शिव के जलाभिषेक और दर्शन के लिए मंदिरों में पहुंचने लगे। शहर के प्राचीन सांगला वाला शिवालय ,श्री संकट मोचन हनुमान बालाजी मंदिर परिसर स्थित शिवालय, श्री नवदुर्गा मंदिर शिवालय सराभा नगर, श्री शिव शक्ति मंदिर मॉडल टाउन, श्री महाकालेश्वर मंदिर, श्री दुर्गा माता मंदिर प्राचीन शिव मंदिर जगराओं पुल क्षेत्र तथा विभिन्न कॉलोनियों के शिव मंदिरों में दिनभर भक्तों का तांता लगा रहा।
श्रद्धालुओं ने भगवान शिव को जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, भांग, फल और पुष्प अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। मंदिरों में रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जाप, भजन-कीर्तन और विशेष आरती का आयोजन किया गया। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल में सराबोर रहे।
मंदिर प्रबंधन समितियों ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष प्रबंध किए थे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए स्वयंसेवकों और पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए ठंडे पानी, शरबत और प्रसाद की व्यवस्था भी की गई।
सावन का धार्मिक महत्व
हिंदू धर्म में सावन माह को भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र महीना माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान निकले विष को भगवान शिव ने इसी माह ग्रहण किया था, जिससे सृष्टि की रक्षा हुई। ऐसा विश्वास है कि सावन के सोमवार को व्रत रखने और शिवलिंग पर जलाभिषेक करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।
यही कारण है कि सावन के प्रत्येक सोमवार को शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना बढ़ जाती है।