Summer express/शिमला, संजू -:लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने विधायक सुधीर शर्मा की ओर से मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को लेकर की गई टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन राजनीतिक संवाद की एक मर्यादा भी होती है। उन्होंने कहा कि विचारों में मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन किसी भी व्यक्ति की गरिमा को ठेस पहुंचे, इसका ध्यान रखा जाना चाहिए।विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि सुधीर शर्मा के बयान को लेकर जो बात सामने आ चुकी है, उसे बार-बार मीडिया के जरिए तूल देना उचित नहीं है। उनके मुताबिक इस मुद्दे को आवश्यकता से अधिक विवाद का रूप दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश और देश के सामने कई ऐसे गंभीर विषय हैं, जिन पर राजनीतिक दलों और खासकर विपक्ष को ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि नीट पेपर लीक, बेरोजगारी और जनता से जुड़े दूसरे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार से सवाल किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष की जिम्मेदारी है कि वह जनहित से जुड़े विषयों को मजबूती से उठाए और सरकार को इन मुद्दों पर जवाबदेह बनाए। उन्होंने साफ किया कि राजनीतिक बहस व्यक्तिगत टिप्पणियों के बजाय जनता से जुड़े सवालों पर केंद्रित होनी चाहिए।
दिल्ली दौरे को लेकर भी विक्रमादित्य सिंह ने दिया स्पष्टीकरण
अपने दिल्ली दौरे को लेकर उठ रहे सवालों पर विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि दिल्ली जाना उनके लिए कोई नई या असामान्य बात नहीं है। जब भी वह राजधानी जाते हैं, तो आधिकारिक बैठकों के साथ-साथ पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से भी मुलाकात करते हैं। इन बैठकों में हिमाचल प्रदेश के संगठनात्मक मामलों और उनके विभाग से जुड़े विषयों पर चर्चा की जाती है।उन्होंने बताया कि दिल्ली प्रवास के दौरान उन्होंने कांग्रेस महासचिव एवं सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और पार्टी के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं को हिमाचल प्रदेश आने का निमंत्रण भी दिया गया है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि आने वाले समय में दोनों नेताओं के प्रदेश दौरे की संभावना है।उन्होंने कहा कि पार्टी नेताओं से मुलाकात करना संगठनात्मक प्रक्रिया का हिस्सा है और इन बैठकों को किसी अन्य नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।
15 अगस्त की ड्यूटी पर भी स्थिति की साफ
वहीं, 15 अगस्त के कार्यक्रमों को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी विक्रमादित्य सिंह ने स्थिति स्पष्ट की। किसी जिले में उनकी ड्यूटी नहीं लगाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस बार वह अपनी निजी व्यवस्थाओं के चलते किसी जिले में कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाएंगे।उन्होंने कहा कि इसके अलावा इस मामले में कोई दूसरी वजह नहीं है और इसे लेकर किसी तरह की अटकल लगाने की आवश्यकता नहीं है।