Summer express/सिरसा,विजय कुमार -:कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कथित अपमान के विरोध में शुक्रवार को सिरसा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता आंबेडकर चौक पर एकत्रित हुए और धरने पर बैठकर केंद्र की बीजेपी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन में सिरसा की सांसद कुमारी शैलजा भी शामिल हुईं।
धरने के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि बीजेपी नेताओं की ओर से कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का अपमान किया गया है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन वरिष्ठ नेताओं के प्रति अमर्यादित भाषा और व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
मीडिया से बातचीत करते हुए सिरसा की सांसद कुमारी शैलजा ने कहा कि कांग्रेस अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष के सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं करेगी। उन्होंने बीजेपी पर राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि सत्ता पक्ष को लोकतांत्रिक मूल्यों, संविधान और राजनीतिक शिष्टाचार की मर्यादा बनाए रखनी चाहिए।शैलजा ने कहा कि देश में लोकतांत्रिक परंपराओं और राजनीतिक सम्मान की भावना कायम रहना जरूरी है। उन्होंने मांग की कि जिस कथित अपमान को लेकर विवाद खड़ा हुआ है, उसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष के सम्मान के लिए मजबूती से उनके साथ खड़े हैं।प्रदर्शन में सिरसा से कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया, कालांवाली विधायक शीशपाल केहरवाला, डॉ. के. सिंह, वीरभान मेहता समेत बड़ी संख्या में पार्टी नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि विपक्ष लोकतांत्रिक तरीके से सरकार की नीतियों और फैसलों का विरोध करता रहेगा। उन्होंने कहा कि देश की जनता लोकतंत्र, संविधान और राजनीतिक मर्यादा से जुड़े हर मुद्दे को देख रही है।
धरने के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि पार्टी अपने नेताओं के सम्मान के मुद्दे पर पीछे नहीं हटेगी। नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने के लिए सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों को एक-दूसरे के प्रति सम्मान और राजनीतिक शिष्टाचार बनाए रखना चाहिए। कांग्रेस ने कहा कि जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर उसका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।