15 अगस्त के विरोध पर बोले- राष्ट्रीय पर्व की गरिमा जरूरी, एनकाउंटर के सवाल पर साधी चुप्पी
Summer/express राकेश कुमार शर्मा | करनाल-:करनाल में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशभक्ति से ओतप्रोत माहौल के बीच भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने प्रेम नगर स्थित अपने आवास से यात्रा की अगुवाई की। वह बुलेट पर सवार होकर हाथ में तिरंगा लेकर शहर की सड़कों से निकले। बीजेपी जिला अध्यक्ष प्रवीण लाठर ने बुलेट चलाई, जबकि मनोहर लाल रास्तेभर लोगों का हाथ हिलाकर अभिवादन करते नजर आए। तिरंगा हाथ में थामे केंद्रीय मंत्री के साथ बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक भी यात्रा में शामिल हुए।
अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा पर अर्पित किए पुष्प
तिरंगा यात्रा के दौरान मनोहर लाल सदर बाजार पहुंचे, जहां उन्होंने वीरांगना अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। उनकी 195वीं जयंती के अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने वीरांगना के साहस, शौर्य और देश के प्रति योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि देश के वीरों और स्वतंत्रता सेनानियों का जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
बोले- तिरंगा हाथ में ही नहीं, दिल में भी होना चाहिए
मनोहर लाल ने कहा कि देश 80वें स्वतंत्रता दिवस के उत्सव में डूबा हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर देशभर में तिरंगा यात्राएं निकाली गईं और ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत करोड़ों घरों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। उन्होंने कहा कि तिरंगा केवल घरों और हाथों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि हर भारतीय के मन में बसना चाहिए। यह देश की आन, बान और शान का प्रतीक है।उन्होंने कहा कि देशभर में करोड़ों लोगों ने तिरंगा यात्रा और ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में भाग लेकर राष्ट्रभक्ति की भावना का प्रदर्शन किया। तिरंगा यात्रा महज एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश के प्रति सम्मान, गौरव और एकता की भावना को मजबूत करने का माध्यम है।
15 अगस्त के विरोध प्रदर्शन पर बोले- दिन और समय का ध्यान रखना चाहिए
हांसी में 15 अगस्त को हुए विरोध प्रदर्शन के सवाल पर मनोहर लाल ने कहा कि लोकतंत्र में अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाना हर नागरिक का अधिकार है, लेकिन विरोध प्रदर्शन के लिए दिन और समय का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त और 26 जनवरी जैसे राष्ट्रीय पर्व पूरे देश के लिए गौरव के अवसर हैं।मनोहर लाल ने कहा कि ऐसे पावन अवसरों पर विरोध प्रदर्शन करना उचित नहीं है, क्योंकि इससे राष्ट्रीय पर्व के उत्सव और माहौल पर असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पर्व केवल कैलेंडर की तारीख नहीं, बल्कि देश के गौरव और सम्मान से जुड़े दिन हैं। इनकी गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
करनाल एनकाउंटर के सवाल पर साधी चुप्पी
तिरंगा यात्रा के दौरान केंद्रीय मंत्री से करनाल एनकाउंटर मामले को लेकर भी सवाल किया गया। हालांकि, उन्होंने इस मुद्दे पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी। एनकाउंटर से जुड़े सवालों पर मनोहर लाल ने टिप्पणी करने से परहेज किया और बिना जवाब दिए आगे बढ़ गए। केंद्रीय मंत्री की चुप्पी के बाद यह मुद्दा चर्चा का विषय बना रहा।