Summer express/शिमला, संजू —:शिमला के आईजीएमसी में पीडियाट्रिक सर्जरी के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि सामने आई है। संस्थान के पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग ने अब तक छह सफल रोबोटिक सर्जरी कर ली हैं। इनमें दो से छह साल तक के बच्चों की विभिन्न बीमारियों की सर्जरी की गई। IGMC प्रदेश में पहला अस्पताल है जहां पीडियाट्रिक सर्जरी की जा रही है। IGMC में बीते 11 मार्च को रोबोटिक सर्जरी सुविधा शुरू होने के बाद से अब तक कुल 112 सफल रोबोटिक सर्जरी की जा चुकी हैं। शिमला में मीडिया से बातचीत के दौरान अस्पताल के डॉ. राहुल राव ने जानकारी दी। इस दौरान सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. पुनीत महाजन, पेडियाट्रिक सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. राजकुमार और डॉक्टर कमलकांत शर्मा शामिल हुए
आईजीएमसी के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. राहुल राव ने बताया कि संस्थान में बहुत कम दामों पर रोबोटिक सर्जरी की सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। निजी अस्पतालों की तुलना में काफी कम खर्च में लोगों को रोबोटिक सर्जरी का लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि 11 मार्च को मुख्यमंत्री ने रोबोटिक सर्जरी का उद्घाटन किया था। तब से अब तक 112 सफल सर्जरी हो चुकी हैं। इनमें 62 जनरल सर्जरी, 44 गायनी और छह पीडियाट्रिक सर्जरी शामिल हैं। राहुल राव ने बताया कि आईजीएमसी प्रशासन के मुताबिक निजी अस्पतालों की तुलना में काफी कम खर्च में लोगों को यह सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है।
पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. राजकुमार ने बताया कि विभाग में पीडियाट्रिक रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत की गई है। अब तक छह सर्जरी की जा चुकी हैं। इनमें दो से पांच साल तक के बच्चों की विभिन्न सर्जरी शामिल हैं। किडनी ब्लॉकेज जैसी बीमारियों की भी रोबोटिक सर्जरी की गई है। उन्होंने कहा कि जन्मजात बीमारियों में रोबोटिक सर्जरी के अच्छे परिणामU सामने आ रहे हैं। अभी तक सबसे छोटे ढाई साल के बच्चे की रोबोटिक सर्जरी की गई है, जबकि छह साल की बच्ची की भी सफल सर्जरी हुई है। सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. पुनीत महाजन ने रोबोटिक सर्जरी की सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा कि आईजीएमसी के अलग-अलग विभागों में रोबोटिक सर्जरी की जा रही है। महाजन ने बताया कि महज 30 हजार रुपये के न्यूनतम खर्च पर लोगों को रोबोटिक सर्जरी उपलब्ध हो रही है। दूर-दूर से शिमला पहुंच रहे मरीज इसका लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी है कि चंबा से आए छोटे बच्चे को भी रोबोटिक सर्जरी का लाभ मिल सका।