summer express , लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मानसून की सक्रियता के बीच मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में बहुत भारी से अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है। मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के अनुसार झारखंड के आसपास बने निम्न दबाव क्षेत्र और पूर्वी उत्तर प्रदेश में सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। विभाग ने 23 अगस्त तक प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई है।
मौसम विभाग के मुताबिक पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। बारिश के साथ कई स्थानों पर गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति भी बनने की संभावना है। लोगों को मौसम में बदलाव को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
पिछले 24 घंटों में प्रयागराज मंडल में बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला। मेजा में 192 मिलीमीटर, कोरांव में 126 मिलीमीटर और सोनभद्र के घोरावल में 123 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा बिजनौर के नगीना में 140 मिलीमीटर, बिजनौर शहर में 146 मिलीमीटर और संभल के गुन्नौर में 150 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। प्रयागराज शहर में 69.7 मिलीमीटर, फतेहपुर में 67.4 मिलीमीटर और अमेठी के फुरसतगंज में 66 मिलीमीटर बारिश हुई।
मौसम विभाग ने चित्रकूट, प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, कौशांबी, चंदौली और संत रविदास नगर में बहुत भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई है। वहीं बांदा, फतेहपुर, प्रतापगढ़, वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, महोबा और हमीरपुर समेत कई अन्य जिलों में भी भारी बारिश होने का अनुमान है।
राजधानी लखनऊ में मंगलवार को अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शहर में सुबह से शाम तक 16.4 मिलीमीटर बारिश हुई। इस दौरान हवा में नमी का स्तर 84 से 98 प्रतिशत के बीच रहा। बुधवार को लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने तथा हल्की बारिश होने की संभावना है।
वर्षा के आंकड़ों के अनुसार 18 अगस्त तक पूर्वी उत्तर प्रदेश में सामान्य से 25 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश सामान्य से पांच प्रतिशत कम रही। पूरे प्रदेश में अब तक औसत बारिश सामान्य से करीब 17 प्रतिशत कम दर्ज की गई है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने से वर्षा की कमी कुछ हद तक पूरी होने की उम्मीद है।