Summer express , शिलांग। मेघालय की राजधानी शिलांग में खासी स्टूडेंट्स यूनियन (KSU) की ओर से आयोजित बाइक और साइकिल रैली के दौरान तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई। प्रदर्शन के दौरान कुछ उपद्रवियों ने सरकारी वाहनों में आग लगा दी, जबकि कई अन्य गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई। हिंसा के दौरान स्वामी विवेकानंद और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमाओं को भी नुकसान पहुंचाया गया। स्थिति बिगड़ने के बाद प्रशासन ने शहर में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर हालात पर काबू पाने की कोशिश की।
जानकारी के मुताबिक, KSU ने अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर राज्य सरकार को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया था। संगठन का आरोप है कि तय समयसीमा के बावजूद सरकार की ओर से उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसके विरोध में KSU ने शिलांग में काले झंडों के साथ बाइक और साइकिल रैली निकाली। रैली शहर के विभिन्न इलाकों से होते हुए सचिवालय के मुख्य द्वार तक पहुंची।
प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय बिगड़ गया, जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने 1960 के दशक में स्थापित राहत एवं पुनर्वास कॉलोनी क्षेत्र में लगी स्वामी विवेकानंद और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमाओं को क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके बाद सरकारी वाहनों में आगजनी और अन्य वाहनों में तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं। हिंसा बढ़ने पर पुलिस और प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करनी पड़ी।
KSU की प्रमुख मांगों में मेघालय निवासी सुरक्षा अधिनियम (MRSSA) को प्रभावी ढंग से लागू करना शामिल है। संगठन मेघालय लोक सेवा आयोग (MPSC) और जिला चयन समितियों (DSC) के माध्यम से होने वाली सरकारी भर्तियों में सुधार की भी मांग कर रहा है। इसके अलावा प्रवासी श्रमिकों के लिए सख्त नियम बनाने की मांग भी प्रदर्शन का हिस्सा रही।
छात्र संगठन ने NEIGRIHMS में नर्सों की भर्ती प्रक्रिया में बदलाव और पूर्वी जयंतिया हिल्स के लुम सिरमन क्षेत्र में श्री सीमेंट लिमिटेड की प्रस्तावित खनन परियोजना को लेकर आयोजित जनसुनवाई रद्द करने की मांग भी उठाई है। फिलहाल प्रशासन की ओर से शहर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और हिंसा के बाद स्थिति पर नजर रखी जा रही है।