शिमला,संजू-:पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 82वीं जयंती के अवसर पर शिमला में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कैबिनेट सहयोगियों के साथ राजीव गांधी के योगदान को याद किया और प्रदेशवासियों से सद्भावना दिवस मनाने का आह्वान किया। इस दौरान मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने भाजपा पर कई मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने मानसून सत्र, पेपर लीक, विजिलेंस जांच, सरकारी नौकरियों और प्रदेश की संपदा से जुड़े मामलों पर सरकार का पक्ष रखा।
शिमला में मनाई गई राजीव गांधी की जयंती, CM ने कैबिनेट साथियों के साथ दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि राजीव गांधी ने देश में युवाओं और महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए। 18 वर्ष की उम्र में युवाओं को मतदान का अधिकार देने, महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने तथा शिक्षा के क्षेत्र में नई पहल करने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी की बेहतर शिक्षा की सोच के तहत जवाहर नवोदय विद्यालयों की शुरुआत हुई थी। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए हिमाचल प्रदेश में 68 राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल तैयार किए जा रहे हैं, जिन्हें आधुनिक और बेहतर सरकारी शिक्षा केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों के हित में भी कई योजनाएं चला रही है। राजीव गांधी प्राकृतिक खेती योजना के माध्यम से किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य उपलब्ध करवाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि हमीरपुर में उत्तर भारत की पहली टेस्टिंग लैब स्थापित की गई है, जिससे किसानों को लाभ मिलेगा।
पेपर लीक के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने भाजपा को घेरते हुए कहा कि उनकी सरकार ने परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पेपर लीक मामलों में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की गई और उन्हें जेल भेजा गया। मुख्यमंत्री ने विपक्ष से सवाल किया कि जब पिछली सरकार के कार्यकाल में पेपर लीक हुआ था, तब क्या कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए थी। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अब तक कोई पेपर लीक नहीं हुआ है।
सुक्खू ने कहा कि सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता को प्राथमिकता दी जा रही है। सरकार शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्र में आउटसोर्स व्यवस्था को समाप्त करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि लोक सेवा आयोग की भर्ती प्रक्रिया में पहली बार लिखित परीक्षा के अंकों को शामिल करने का फैसला लिया गया है। सरकारी भर्तियों में सिफारिश की कोई गुंजाइश नहीं होगी और योग्य अभ्यर्थियों को पारदर्शी प्रक्रिया के तहत अवसर मिलेगा।
सोशल मीडिया पर चल रही खबरों को लेकर भी मुख्यमंत्री ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ भाजपा समर्थित पत्रकार और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म सरकार के खिलाफ नकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। पत्रकारों पर मुकदमे दर्ज करने के आरोपों पर उन्होंने कहा कि तथ्यों के आधार पर खबर लिखने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी, लेकिन झूठी खबरों के जरिए वातावरण खराब करने या ब्लैकमेलिंग करने की कोशिश पर कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि संबंधित कानून राज्य सरकार ने नहीं, बल्कि केंद्र की भाजपा सरकार ने बनाया है।
मानसून सत्र को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 20 वर्षों में पहली बार विधानसभा का 10 दिन का सत्र बुलाया गया है। उन्होंने विपक्ष से आग्रह किया कि वह तथ्यों और मुद्दों के साथ सदन में आए और सरकार को भी अपना पक्ष रखने का अवसर दे। उन्होंने कहा कि सरकार हिमाचल प्रदेश की आर्थिक स्थिति और पिछली सरकारों के फैसलों को लेकर श्वेत पत्र ला रही है। इससे जनता के सामने वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी और यह भी सामने आएगा कि प्रदेश की संपदा के साथ किस तरह व्यवहार किया गया।
विधायक डॉ. जनक राज के खिलाफ चल रही विजिलेंस जांच पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बदले की भावना से कार्रवाई नहीं कर रही है। विधायक को जांच के लिए बुलाया गया है और उन्हें जांच एजेंसी के सामने अपने तथ्य रखने चाहिए। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में पुरुषों की बच्चेदानी के ऑपरेशन तक किए गए और इस संबंध में जांच में नए तथ्य सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित अवधि में डॉ. जनक राज मेडिकल सुपरिंटेंडेंट के पद पर थे, इसलिए जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
बीबीएमबी से जुड़े मामले पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल के लिए महत्वपूर्ण फैसला आने वाला है। यदि फैसला प्रदेश के पक्ष में आता है तो हिमाचल को हर साल करीब 500 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय हो सकती है। उन्होंने बताया कि इस मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल हिमाचल का पक्ष रखेंगे। मुख्यमंत्री के अनुसार हरियाणा अपना एफिडेविट दाखिल कर चुका है, जबकि पंजाब की ओर से अभी आनाकानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि हिमाचल के हक में फैसला आने पर प्रदेश को आर्थिक लाभ मिलेगा और पंजाब तथा हरियाणा को भी हिमाचल के पानी से लाभ मिलता रहेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून सत्र के बाद वह दिल्ली जाएंगे और केंद्र सरकार के समक्ष हिमाचल के अधिकारों तथा प्रदेश से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को मजबूती से उठाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश के हितों की रक्षा करना और जनता के सामने हर मामले में तथ्यों को स्पष्ट करना है। उन्होंने विपक्ष से भी राजनीतिक विरोध के बजाय तथ्यों के आधार पर चर्चा करने की अपील की।