summer express, शाहजहांपुर। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में हत्या के आरोपी समीर अली के मकान पर प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई की। कांट नगर पंचायत क्षेत्र में गुरुवार को पुलिस, पीएसी और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में मकान के कथित अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) रजनीश कुमार मिश्रा के अनुसार, जिस मकान को गिराया गया, उसका निर्माण नगर पंचायत के नियमों के अनुरूप नहीं था। उन्होंने बताया कि मकान मालिकों अमीरन, नसीम जहां और सलमा को पहले नोटिस जारी किया गया था। नोटिस में निर्माण को अवैध बताते हुए नगर पालिका अधिनियम, 1916 की संबंधित धाराओं का उल्लेख किया गया था और 10 दिन के भीतर निर्माण स्वयं हटाने के निर्देश दिए गए थे।
प्रशासन के मुताबिक, नोटिस जारी होने के बाद संबंधित पक्ष की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। इसके बाद नगर पंचायत ने अवैध निर्माण हटाने के लिए पुलिस बल और मजिस्ट्रेट की मांग की। प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस की मौजूदगी में इसके बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की गई। मौके पर सुरक्षा के लिए पुलिस और पीएसी के अलावा अग्निशमन विभाग, एंबुलेंस तथा लोक निर्माण विभाग की टीमें भी मौजूद रहीं।
वहीं, मकान गिराए जाने के बाद आरोपी के परिजनों ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। समीर अली के रिश्तेदार इश्तियाक का कहना है कि अपराध का आरोप समीर पर है, इसलिए कार्रवाई भी उसी तक सीमित रहनी चाहिए थी। उनका दावा है कि जिस मकान को ध्वस्त किया गया, उसमें चार परिवार रहते थे और कार्रवाई के बाद कई लोग बेघर होने की स्थिति में आ गए हैं।
समीर की चाची सोनी ने भी प्रशासन पर अन्याय का आरोप लगाया। उनका कहना है कि समीर अलग रहता था और परिवार के अन्य सदस्य भी उससे अलग रह रहे थे। उन्होंने कहा कि यदि समीर ने अपराध किया है तो उसे कानून के तहत सजा मिलनी चाहिए, लेकिन उसके साथ रहने वाले अन्य परिवारों का घर गिराने से उनके सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है।
मामला 31 जुलाई का है, जब कांट कस्बे में 22 वर्षीय गौतम मौर्य की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी। पुलिस के अनुसार, हत्या कथित प्रेम प्रसंग से जुड़े विवाद में की गई थी और मामले में समीर अली को आरोपी बनाया गया। घटना के बाद मृतक के परिजनों और कुछ हिंदूवादी संगठनों ने पलिया-फर्रुखाबाद मार्ग पर प्रदर्शन करते हुए जाम लगाया था। प्रदर्शनकारियों ने आरोपी के मकान पर बुलडोजर कार्रवाई की मांग भी की थी।
अब प्रशासन की ओर से मकान के अवैध निर्माण का हवाला देते हुए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई है। हालांकि, आरोपी के परिजन इसे हत्या के मामले से जोड़कर देख रहे हैं और कार्रवाई को लेकर सवाल उठा रहे हैं। मामले में प्रशासन का कहना है कि ध्वस्तीकरण अवैध निर्माण के खिलाफ नियमानुसार किया गया है।