summer express,जालंधर। जेलों में बंद सिखों की रिहाई की मांग को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा की ओर से 21 अगस्त को पंजाब बंद का आह्वान किया गया। बंद का असर जालंधर समेत प्रदेश के कई हिस्सों में दिखाई दिया। बाजारों में अधिकांश दुकानें बंद रहीं और सड़कों पर भी सामान्य दिनों की तुलना में कम चहल-पहल नजर आई।
जालंधर की जोहल मार्केट में भी बंद का व्यापक असर देखने को मिला। बाजार की ज्यादातर दुकानें बंद होने के बीच एक शराब का ठेका खुला नजर आया। बंद के दौरान शराब का ठेका संचालित होते देख वहां से गुजरने वाले लोगों के बीच इसे लेकर चर्चा शुरू हो गई।
लोगों का कहना है कि जब बंद के दौरान बाजार की अधिकांश व्यावसायिक गतिविधियां बंद रहीं, तो शराब का ठेका किस आधार पर खुला रखा गया। इसको लेकर यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या शराब के ठेकों के लिए बंद के दौरान अलग नियम लागू होते हैं या फिर ठेका संचालक को विशेष अनुमति मिली थी।
कौमी इंसाफ मोर्चा की ओर से पंजाब बंद के दौरान जरूरी और आपातकालीन सेवाओं को प्रभावित नहीं करने की बात कही गई थी। ऐसे में जोहल मार्केट में बंद दुकानों के बीच खुले शराब के ठेके ने लोगों का ध्यान खींचा। ठेका खुला रखने के संबंध में फिलहाल संबंधित प्रशासन या आबकारी विभाग की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
पंजाब बंद के चलते जालंधर के कई बाजारों में व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। वहीं, सार्वजनिक परिवहन और अन्य सेवाओं पर भी बंद का असर देखने को मिला। सुबह से ही कई स्थानों पर बंद समर्थक सक्रिय नजर आए। बाजारों में दुकानें बंद रहने के कारण सामान्य कारोबार प्रभावित हुआ।