Summer express/शिमला, संजू-:राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के मुद्दे पर हिमाचल प्रदेश विधानसभा में सियासी टकराव के बीच भाजपा विधायक दल ने रविवार को शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर कांग्रेस के खिलाफ जवाबी धरना दिया। नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने करीब डेढ़ घंटे तक चले धरने में भाजपा विधायकों और सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से वंदे मातरम् का गायन किया। देशभक्ति के गीतों और नारों से पूरा रिज मैदान गूंज उठा।
जयराम ठाकुर ने कहा कि वंदे मातरम् का अपमान देश स्वीकार नहीं करेगा और कांग्रेस यह तय नहीं कर सकती कि राष्ट्रगीत खंडित होकर गाया जाए। उन्होंने कहा कि भाजपा विधायक दल की मांग केवल इतनी थी कि विधानसभा में संपूर्ण वंदे मातरम् का सम्मानपूर्वक गायन हो। उन्होंने आरोप लगाया कि सदन की कार्यवाही से पहले तैयार कार्यक्रम में वंदे मातरम् का उल्लेख था, लेकिन बाद में इसे हटा दिया गया। भाजपा ने सदन में यह मुद्दा उठाया, लेकिन सरकार ने सकारात्मक रुख अपनाने के बजाय गतिरोध की स्थिति पैदा कर दी।जयराम ठाकुर ने कांग्रेस के वर्ष 1937 के निर्णय का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय वंदे मातरम् के केवल कुछ अंशों को अपनाने का निर्णय लिया गया था। उन्होंने 6 अप्रैल 1938 को जवाहरलाल नेहरू द्वारा मोहम्मद अली जिन्ना को लिखे पत्र का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत में राष्ट्रगीत के सम्मान का विषय किसी राजनीतिक दल के निर्णय से नहीं, बल्कि राष्ट्रीय भावना और संवैधानिक व्यवस्था के अनुरूप देखा जाना चाहिए।
जयराम ठाकुर ने भाजपा विधायकों पर राष्ट्रगान के अपमान के कांग्रेस के आरोपों को पूरी तरह गलत बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगान के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के सभी सदस्य सम्मान के साथ खड़े रहे और राष्ट्रगान में शामिल हुए। इसके बाद विपक्ष ने वंदे मातरम् के गायन की मांग उठाई।उन्होंने कहा कि भाजपा विधायक दल पिछले तीन दिनों से विधानसभा की संबंधित कार्यवाही का वीडियो मांग रहा है। विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात के साथ विधानसभा सचिव को भी सभी विपक्षी विधायकों ने लिखित रूप से वीडियो उपलब्ध करवाने की मांग की है, लेकिन अभी तक वीडियो नहीं मिला। जयराम ठाकुर ने कहा कि यदि कांग्रेस के आरोप सही हैं, तो विधानसभा की पूरी कार्यवाही का वीडियो सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने कहा कि भाजपा कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है और जरूरत पड़ने पर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने से भी पीछे नहीं हटेगी।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भाजपा विधानसभा में जनहित के मुद्दों पर गंभीर चर्चा चाहती है। कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के दौरान पांच वर्षों में पांच लाख रोजगार और हर साल एक लाख नौकरियां देने की गारंटी दी थी। भाजपा सरकार से इस गारंटी की वास्तविक स्थिति पर जवाब चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में पहली बार ऐसी स्थिति देखने को मिल रही है, जब विपक्ष सदन चलाना चाहता है, जबकि सत्ता पक्ष के विधायक और मंत्री नारे लगाते हुए सदन से बाहर जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी, रोजगार की गारंटी, प्रदेश की आर्थिक स्थिति और अन्य जनहित के सवालों पर सरकार जवाब देने से बच रही है।