Summer express , राकेश कुमार शर्मा, करनाल। शहर में लंबे समय से चल रही सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बीच बिगड़ती सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए नगर निगम ने अब अभियान तेज कर दिया है। जगह-जगह जमा कूड़े के ढेर हटाने के लिए प्रशासन ने जेसीबी, ट्रैक्टर और अन्य सफाई वाहनों को मैदान में उतारा। इस दौरान प्रेम नगर और रामनगर क्षेत्र में सफाई कर्मचारियों और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई।
हड़ताल के कारण करनाल शहर के कई इलाकों में कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। गंदगी और दुर्गंध से स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों में संक्रमण और बीमारियों को लेकर भी चिंता बढ़ रही है। सरकार और सफाई कर्मचारी संगठनों के बीच कुरुक्षेत्र में हुई वार्ता बेनतीजा रहने के बाद कर्मचारियों की हड़ताल जारी है।
शहर में सफाई व्यवस्था को सामान्य करने के लिए प्रशासन ने सोमवार रात से ही कूड़ा उठाने का अभियान शुरू कर दिया था। मंगलवार को नगर निगम की टीम जब प्रेम नगर और रामनगर में कूड़ा उठाने पहुंची तो हड़ताली कर्मचारियों ने इसका विरोध किया। स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शनकारियों ने निगम की जेसीबी और अन्य वाहनों के टायरों की हवा निकाल दी।
मौके पर मौजूद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हस्तक्षेप किया। इस दौरान कई महिला और पुरुष सफाई कर्मचारियों को हिरासत में लिया गया। इसके बाद कर्मचारियों ने प्रशासन और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कार्रवाई पर रोष जताया।
हिरासत में लिए गए कर्मचारियों का आरोप है कि वे अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय दमन की नीति अपना रही है। महिला कर्मचारियों ने भी पुलिस कार्रवाई का विरोध किया।
सफाई कर्मचारी प्रतिनिधि संदीप त्यागी ने कहा कि कर्मचारी हड़ताल करना नहीं चाहते, लेकिन लंबे समय से उनकी मांगों पर सरकार की ओर से गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार कर्मचारियों से बातचीत कर उनकी मांगों पर सहमति बनाए तो हड़ताल समाप्त की जा सकती है। कर्मचारियों ने प्रशासन पर उनके साथ ज्यादती करने का आरोप भी लगाया।
कर्मचारियों का कहना है कि शहर में जमा कूड़ा उनके रोजगार का आधार है और वे सफाई व्यवस्था को खराब करना नहीं चाहते। उनका उद्देश्य अपनी लंबित मांगों का समाधान करवाना है। कर्मचारियों ने दावा किया कि उनके प्रतिनिधि सरकार के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन सरकार की ओर से सकारात्मक पहल नहीं की जा रही।
फिलहाल नगर निगम ने शहर में कूड़ा उठाने का अभियान जारी रखा है। दूसरी ओर सफाई कर्मचारियों की हड़ताल और प्रशासन की सख्ती के बीच बढ़ते टकराव से स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। अब देखना होगा कि सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच बातचीत से गतिरोध समाप्त होता है या सफाई व्यवस्था को लेकर विवाद आगे भी जारी रहता है।