Summer express , सोनीपत। बुजुर्गों की बुढ़ापा पेंशन काटे जाने और सत्यापन के नाम पर उन्हें सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने के विरोध में जिला पार्षद संजय बड़वासनिया ने सोमवार को जिला उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार का ध्यान इस समस्या की ओर आकर्षित करने के लिए हाथ में आईना लेकर विरोध जताया। प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री के नाम सीटीएम सोनीपत को ज्ञापन सौंपा गया।
संजय बड़वासनिया ने आरोप लगाया कि पेंशन से जुड़ी खामियों को दूर कराने के लिए बुजुर्गों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। आय और अन्य दस्तावेजों के सत्यापन के नाम पर बुजुर्गों के साथ-साथ दिव्यांगों और विधवाओं की पेंशन भी बंद या काटी जा रही है। इससे जरूरतमंद लाभार्थियों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार के लिए पेंशन लाभार्थियों का सत्यापन जरूरी है तो बुजुर्गों को कार्यालय बुलाने के बजाय संबंधित अधिकारियों को उनके घर जाकर सत्यापन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिक उम्र में बुजुर्गों के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों तक पहुंचना मुश्किल होता है।
आयु प्रमाणपत्र के लिए भी कार्यालयों के चक्कर लगाने पर सवाल उठाते हुए बड़वासनिया ने कहा कि आधार कार्ड और अन्य वैध पहचान दस्तावेजों के आधार पर लाभार्थियों का सत्यापन किया जा सकता है। उन्होंने सरकार से पेंशन काटे जाने के मामलों की समीक्षा करने और पात्र बुजुर्गों, दिव्यांगों व विधवाओं की पेंशन बहाल करने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान निगम पार्षद राजेश मलिक, सिल्क राम, प्रदीप, संदीप, कुलदीप, राजवीर, सुमित्रा, ब्रह्मवती, ब्रह्मदेवी, प्रमिला और कविता समेत अन्य लोग मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने पेंशन व्यवस्था को सरल बनाने और पात्र लाभार्थियों को बिना परेशानी समय पर पेंशन उपलब्ध कराने की मांग की।