summer express ,अमरावती। आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू जिले के दुर्गम आदिवासी इलाके में खराब सड़क व्यवस्था ने स्वास्थ्य सुविधाओं के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कोव्वुरु मंडल के एक गांव में रविवार को बीमार पड़ी महिला को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए परिजनों और ग्रामीणों को करीब 11 किलोमीटर तक डोली में लेकर पैदल चलना पड़ा। गांव तक एंबुलेंस या अन्य वाहन नहीं पहुंच पाने के कारण ग्रामीणों के सामने यह मजबूरी पैदा हुई।
जानकारी के अनुसार, कोराबू पद्मा की रविवार को अचानक तबीयत बिगड़ गई। उनकी हालत गंभीर होने पर परिजनों ने एंबुलेंस बुलाने का प्रयास किया, लेकिन गांव तक सड़क संपर्क नहीं होने के कारण वाहन पहुंच नहीं सका। इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने महिला को डोली पर लिटाया और मर्रीपाकालु से पलकाजीदी तक करीब 11 किलोमीटर का दुर्गम रास्ता पैदल तय किया। पलकाजीदी पहुंचने के बाद महिला को एंबुलेंस से वाई रमावरम एरिया अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार शुरू किया गया।
ग्रामीणों के मुताबिक, मर्रीपाकालु से गांव की ओर जाने वाली सड़क लंबे समय से बदहाल है। रास्ते में गहरे गड्ढे, बड़े पत्थर, कीचड़ और ऊबड़-खाबड़ रास्ते होने के कारण सामान्य दिनों में भी आवाजाही मुश्किल रहती है। बारिश के दौरान स्थिति और खराब हो जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि किसी मरीज की हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल तक पहुंचाना बड़ी चुनौती बन जाता है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि वे कई वर्षों से गांव तक पक्की सड़क की मांग कर रहे हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों ने राज्य सरकार और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण से जल्द सड़क निर्माण कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी मरीज को इस तरह डोली के सहारे अस्पताल तक न ले जाना पड़े।
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब राज्य सरकार आदिवासी इलाकों में सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कई योजनाओं पर काम करने का दावा कर रही है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने आदिवासी परिवारों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ मरीजों को डोली में ले जाने की मजबूरी खत्म करने के लिए फीडर एंबुलेंस, 108 आपातकालीन सेवा और 104 मोबाइल मेडिकल यूनिट जैसी व्यवस्थाओं का उल्लेख किया है।
सरकार के अनुसार, अडवी तल्ली बाटा कार्यक्रम के तहत 2,336 आदिवासी बस्तियों में सड़क संपर्क सुधारने का काम चल रहा है और अब तक करीब 905 किलोमीटर सड़क का निर्माण किया जा चुका है। इसके अलावा, सुदूर क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाओं को तेज करने के लिए ड्रोन आधारित स्वास्थ्य सेवा भी शुरू की गई है।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, अल्लूरी सीताराम राजू जिले में ड्रोन स्वास्थ्य प्रणाली के जरिए दवाइयों, टीकों और मेडिकल सैंपल्स को दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंचाया जा रहा है। विभाग का दावा है कि इस व्यवस्था से हजारों मरीजों को लाभ मिला है और मेडिकल सैंपल्स को कम समय में स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाना संभव हुआ है।
हालांकि, कोराबू पद्मा को 11 किलोमीटर तक डोली में ले जाने की घटना ने साफ कर दिया है कि आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ दूरदराज के गांवों तक बेहतर सड़क संपर्क सुनिश्चित करना भी जरूरी है। ग्रामीणों की मांग है कि सरकार योजनाओं के साथ जमीनी स्तर पर बुनियादी ढांचे को मजबूत करे, ताकि आपात स्थिति में मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सके।