Summer express , आरविंदर सिंह ,हमीरपुर। सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड (एसजेवीएनएल) की 66 मेगावाट क्षमता वाली धौला सिद्ध जल विद्युत परियोजना का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। हमीरपुर और कांगड़ा जिले की सीमा से होकर बहने वाली ब्यास नदी पर बन रही इस परियोजना के डैम क्षेत्र में आने वाली हाईटेंशन विद्युत लाइनों को अब दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा। इसके लिए एसजेवीएनएल ने विद्युत विभाग को करीब 4 करोड़ 51 लाख रुपये की राशि जमा करवा दी है और शिफ्टिंग कार्य के लिए टेंडर भी आवंटित किया जा चुका है।
विद्युत विभाग हमीरपुर के डिप्टी चीफ इंजीनियर आशीष कपूर ने बताया कि डैम क्षेत्र में आने वाली मौजूदा विद्युत लाइन को हटाकर नई टावर लाइन स्थापित की जाएगी। करीब 4.51 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाली इस नई लाइन में आठ बड़े टावर लगाए जाएंगे। इसके साथ ही लाइन के लिए आवश्यक नया इंफ्रास्ट्रक्चर भी विकसित किया जाएगा।
आशीष कपूर के अनुसार, नई विद्युत लाइन से संबंधित दो डीपीआर तैयार की जाएंगी। इसका उद्देश्य परियोजना निर्माण के दौरान प्रभावित होने वाली विद्युत व्यवस्था को व्यवस्थित करना और क्षेत्र में बिजली आपूर्ति को सुचारू बनाए रखना है। एसजेवीएनएल की ओर से आवश्यक राशि जमा करवाने के बाद विभाग ने शिफ्टिंग प्रक्रिया को आगे बढ़ा दिया है।
धौला सिद्ध जल विद्युत परियोजना की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 दिसंबर 2021 को वर्चुअल माध्यम से रखी थी। परियोजना के निर्माण के चलते डैम क्षेत्र में मौजूद विभिन्न विभागों की योजनाओं और आधारभूत ढांचे पर भी असर पड़ रहा है। विद्युत विभाग के अधिकारियों के मुताबिक जल शक्ति विभाग की योजनाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
इस संबंध में विद्युत विभाग की ओर से जल शक्ति विभाग को पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई और राशि जमा करवाने के लिए कहा गया है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जल शक्ति विभाग की ओर से राशि जमा करवाए जाने के बाद संबंधित कार्य को भी शुरू कर दिया जाएगा।
परियोजना क्षेत्र में विद्युत ढांचे को व्यवस्थित करने के लिए नई टावर लाइन और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होने से निर्माण कार्य के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने में मदद मिलेगी।