Mandi, 14 July
चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर बार-बार हो रहे भूस्खलन ने जहां यात्रियों को परेशानी में डाला है, वहीं सब्जी और फलों के व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। खासतौर पर लाहौल-स्पीति और कुल्लू से भेजी जा रही मटर और गोभी जैसी जल्दी खराब होने वाली सब्जियों की समय पर सप्लाई नहीं हो पा रही है।
सोमवार को चार मील के पास जब हाईवे फिर से भूस्खलन के कारण बंद हो गया, तो लाहौल से मटर लेकर आ रहे व्यापारियों ने मजबूर होकर बीच सड़क पर ही छंटाई का काम शुरू कर दिया। व्यापारी दीनानाथ और सुरेंद्र सिंह ने बताया कि गर्मी और उमस के कारण मटर और गोभी जल्दी खराब हो रही हैं, और मंडियों तक समय पर सामान नहीं पहुंच पा रहा।उन्होंने कहा कि बार-बार की बाधा से न सिर्फ नुकसान हो रहा है, बल्कि सड़क किनारे ही छंटाई करने की नौबत आ गई है ताकि खराब माल को अलग किया जा सके। व्यापारियों ने प्रशासन से अपील की है कि हाईवे की त्वरित बहाली सुनिश्चित की जाए।
42 घंटे तक बंद रहा हाईवे:
चार मील के पास एक नया स्लाइडिंग प्वाइंट बन गया है, जहां दो दिनों में दो बार भूस्खलन हुआ। शनिवार दोपहर 2 बजे से रविवार शाम 5:30 बजे तक हाईवे 28 घंटे बंद रहा। इसके बाद रात 10:30 बजे फिर से भूस्खलन हुआ, जिससे हाईवे सोमवार दोपहर 12 बजे तक बंद रहा। इससे न केवल आम यात्री फंसे रहे, बल्कि फल-सब्जी कारोबारियों को भी भारी आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ा।
व्यापारियों की बाइट
दीनानाथ, सब्जी व्यापारी – “अगर समय पर माल मंडी न पहुंचे तो नुकसान होना तय है। सड़कें लगातार बंद हो रही हैं, इससे हमारी मेहनत बर्बाद हो रही है।”
सुरेंद्र सिंह, सब्जी व्यापारी – “गर्मी में सब्जियां जल्दी खराब होती हैं, हमें मजबूरी में सड़क पर ही छंटाई करनी पड़ रही है।”