summer express, अंबाला (अंकुर कपूर)। नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के बैनर तले अंबाला छावनी में सफाई कर्मचारियों, सीवरमैन और दमकल कर्मचारियों की हड़ताल 35वें दिन भी जारी रही। लंबे समय से चल रही हड़ताल के कारण शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है। कई इलाकों में कूड़े के ढेर जमा हैं, नालियां जाम हैं और दुर्गंध के कारण स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हड़ताल पर बैठे कर्मचारी नगर परिषद कार्यालय के बाहर धरना दे रहे हैं और सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर अपनी मांगें उठा रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार की ओर से विभिन्न विभागों में कर्मचारियों को नियमित करने की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन सफाई कर्मचारियों, सीवरमैन और दमकल कर्मियों को नियमित करने की मांग पर अभी तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
कर्मचारी नेताओं का कहना है कि वे लंबे समय से अस्थायी तौर पर सेवाएं दे रहे हैं। सफाई और सीवर से जुड़े काम के दौरान उन्हें कई तरह के जोखिमों का सामना करना पड़ता है, इसके बावजूद उनकी नौकरी को स्थायी करने की दिशा में सरकार की ओर से अपेक्षित कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। इसी मांग को लेकर कर्मचारी आंदोलन कर रहे हैं।
हड़ताल का सीधा असर आम लोगों पर पड़ रहा है। शहर के कई हिस्सों में जगह-जगह कचरा जमा होने से लोगों को परेशानी हो रही है। नालियों की सफाई नहीं होने के कारण जल निकासी प्रभावित हो रही है और आसपास के क्षेत्रों में बदबू फैल रही है। स्थानीय नागरिकों और दुकानदारों ने सरकार से अपील की है कि कर्मचारियों के साथ बातचीत कर जल्द से जल्द समाधान निकाला जाए, ताकि शहर की सफाई व्यवस्था दोबारा सुचारू हो सके।
इस बीच नगर परिषद अंबाला छावनी के कार्यकारी अधिकारी देवेंद्र नरवाल ने कहा कि सरकार की ओर से कर्मचारियों को हड़ताल समाप्त करने का अल्टीमेटम दिया गया है। उन्होंने कहा कि यदि कर्मचारी हड़ताल खत्म नहीं करते हैं तो नियमों के अनुसार उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
देवेंद्र नरवाल ने हड़ताली कर्मचारियों से अपील की कि सरकार की ओर से मानी गई मांगों को ध्यान में रखते हुए वे आंदोलन समाप्त कर काम पर लौटें। उनका कहना है कि लंबे समय से चल रही हड़ताल के कारण शहर की व्यवस्था प्रभावित हो रही है और इसका असर आम जनता पर पड़ रहा है।
फिलहाल कर्मचारी अपनी मांगों पर कायम हैं, जबकि प्रशासन की ओर से हड़ताल समाप्त करने का दबाव बनाया जा रहा है। 35 दिनों से जारी इस गतिरोध के बीच अब देखना होगा कि सरकार और कर्मचारियों के बीच बातचीत कब होती है और सफाई व्यवस्था को लेकर पैदा हुआ संकट कब खत्म होता है।