summer express , संजीव महाजन, नूरपुर। हिमाचल परिवहन सेवानिवृत्त कर्मचारी कल्याण मंच नूरपुर जोन की मासिक बैठक प्रदेश उपाध्यक्ष कृपाल पठानिया की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में सेवानिवृत्त कर्मचारियों की लंबित मांगों और सरकार की ओर से किए गए वायदों के पूरा न होने पर रोष जताया गया। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
बैठक में जिला कांगड़ा इकाई के कार्यकारी अध्यक्ष रणजीत सिंह, जिला सचिव स्वरूप सिंह, जिला प्रेस सचिव श्याम सिंह और जिला उपाध्यक्ष जोगेंद्र पठानिया विशेष रूप से मौजूद रहे। पदाधिकारियों ने सरकार और हिमाचल पथ परिवहन निगम प्रबंधन पर घोषणाओं को धरातल पर लागू नहीं करने का आरोप लगाया।
बैठक में डीए और 1 जनवरी 2016 से लागू वेतन आयोग के बकाया एरियर का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से एरियर को लेकर घोषणाएं किए जाने के बावजूद अधिकांश सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अभी तक उनका बकाया नहीं मिला है। मंच के अनुसार 67 वर्ष की आयु पार कर चुके फोर्थ क्लास कर्मचारियों को पूरा एरियर देने की घोषणा की गई थी, लेकिन अभी तक 75 वर्ष से अधिक आयु के कुछ कर्मचारियों को ही भुगतान हुआ है।
3 प्रतिशत डीए की किस्त को लेकर भी कर्मचारियों में नाराजगी है। मंच ने कहा कि उपमुख्यमंत्री की ओर से विधानसभा प्रवास के दौरान अप्रैल में 3 प्रतिशत डीए की किस्त जारी करने का आश्वासन दिया गया था। नियमित कर्मचारियों को इसका लाभ मिल चुका है, लेकिन सेवानिवृत्त परिवहन कर्मचारियों को अभी तक डीए की किस्त नहीं मिली है।
पेंशन को लेकर भी कर्मचारियों ने निगम प्रबंधन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से पेंशन हर महीने 10 तारीख तक जारी करने की बात कही गई थी, लेकिन इसके बावजूद कुछ सेवानिवृत्त कर्मचारियों को समय पर पेंशन नहीं मिल रही है। कर्मचारियों ने कहा कि पेंशन वर्षों की सेवा के बाद मिलने वाला उनका अधिकार है, इसलिए इसके भुगतान में देरी सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बनती है।
मंच ने चेतावनी दी कि यदि पेंशन में देरी, डीए की किस्त और एरियर के भुगतान को लेकर स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा। मांगों की अनदेखी जारी रहने पर परिवहन निदेशक और मुख्य लेखाकार का घेराव करने की चेतावनी दी गई। साथ ही हिमाचल पथ परिवहन निगम प्रबंधन के खिलाफ बड़े स्तर पर विरोध-प्रदर्शन करने पर भी चर्चा हुई।
मंच ने सरकार और निगम प्रबंधन से मांग की कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों से किए गए वायदों को जल्द पूरा किया जाए और लंबित पेंशन, डीए तथा एरियर का भुगतान सुनिश्चित किया जाए, ताकि कर्मचारियों को अपने अधिकारों के लिए बार-बार आंदोलन न करना पड़े।