Summer express/हमीरपुर, अरविंद- :एनआईटी हमीरपुर में नशामुक्ति अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश के पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने विद्यार्थियों से सीधा संवाद करते हुए नशे के बढ़ते दुष्प्रभावों और इससे निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने के साथ-साथ नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।डीजीपी ने कहा कि नशा आज समाज के सामने बड़ी चुनौती बन चुका है। विशेष रूप से युवाओं को इसके दुष्प्रभावों से बचाना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि नशे से व्यक्ति का शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित होने के साथ-साथ उसका सामाजिक और पारिवारिक जीवन भी बर्बाद होता है। ऐसे में नो ड्रग टॉलरेंस की भावना को मजबूत करते हुए सभी को इस अभियान से जुड़ना होगा।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने चिट्टा और अन्य नशीले पदार्थों के खिलाफ जनआंदोलन शुरू किया है। इसी अभियान के तहत प्रदेशभर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 16 सितंबर को ऊना में पांचवें एंटी-चिट्टा अभियान के तहत कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।डीजीपी ने कहा कि पुलिस ने नशे के कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर रखी है। नशे के कारोबार से अर्जित अवैध संपत्ति को जब्त करने की कार्रवाई भी की जा रही है। उन्होंने युवाओं और आम लोगों से अपील की कि यदि उनके आसपास कोई व्यक्ति नशीले पदार्थों की खरीद-फरोख्त में संलिप्त है तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। सूचना देने वालों को प्रोत्साहन के तौर पर इनाम भी दिया जा रहा है।उन्होंने कहा कि तकनीकी संस्थानों के विद्यार्थी साइबर सुरक्षा, एआई, डेटा एनालिटिक्स और अन्य आधुनिक तकनीकों के माध्यम से पुलिस के साथ मिलकर अपराध नियंत्रण और विभिन्न पुलिस परियोजनाओं में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।कार्यक्रम में एनआईटी हमीरपुर के निदेशक सूर्यवंशी, रजिस्ट्रार अर्चना ननोटी, एसपी बलवीर सिंह और एएसपी राजेश सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम ने सुरक्षित, स्वस्थ और जिम्मेदार परिसर के निर्माण की दिशा में एनआईटी हमीरपुर की प्रतिबद्धता को और मजबूत किया।