summer express, रोहतक। PGI में अल्ट्रासाउंड जांच की सीमित सुविधा को लेकर मंगलवार को मरीजों और उनके परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में मरीज हेल्थ यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. एचके अग्रवाल के कार्यालय पहुंचे और नारेबाजी करते हुए जांच व्यवस्था में सुधार की मांग की। वीसी के आश्वासन के बाद मरीज और उनके परिजन शांत हुए।
मरीजों ने बताया कि वे रोहतक के अलावा आसपास के जिलों और दूर-दराज के क्षेत्रों से इलाज के लिए PGI पहुंचते हैं। अल्ट्रासाउंड कराने के लिए उन्हें सुबह करीब पांच बजे से ही कतार में लगना पड़ता है। इसके बावजूद कई मरीजों की जांच नहीं हो पाती और उन्हें बिना अल्ट्रासाउंड कराए वापस लौटना पड़ता है।
मरीजों के अनुसार, वर्तमान व्यवस्था में करीब 50 मरीजों के अल्ट्रासाउंड के बाद जांच बंद कर दी जाती है। इससे सुबह से लाइन में लगे बाकी मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। मरीजों ने मांग की कि प्रतिदिन अल्ट्रासाउंड की संख्या बढ़ाकर कम से कम 150 की जाए या जांच की सुविधा निर्धारित संख्या तक सीमित न रखकर लगातार जारी रखी जाए।
मरीजों ने आरोप लगाया कि PGI में अल्ट्रासाउंड के अलावा CT स्कैन और MRI जैसी जरूरी जांचों के लिए भी लंबी तारीखें मिल रही हैं। उनका कहना है कि बेहतर और कम खर्च में इलाज की उम्मीद लेकर वे PGI आते हैं, लेकिन जांच सुविधाओं में देरी के कारण उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है।
मरीजों के हंगामे की सूचना मिलने पर वाइस चांसलर डॉ. एचके अग्रवाल ने उनसे बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने अल्ट्रासाउंड जांच की व्यवस्था में सुधार का आश्वासन दिया। वीसी ने कहा कि मरीजों को जांच और उपचार के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।