summer express , कुरुक्षेत्र। भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) की ओर से शाहाबाद अनाज मंडी में बुधवार को बुलाई गई प्रदेश स्तरीय बैठक प्रशासन के आश्वासन के बाद फिलहाल स्थगित कर दी गई। उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने किसानों को भरोसा दिलाया कि धान की सरकारी खरीद 20 सितंबर तक शुरू कराने के लिए पत्र लिखा जा चुका है। इसके बाद भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने आंदोलन को टालने का ऐलान किया।
हालांकि, चढ़ूनी ने स्पष्ट किया कि यदि 20 सितंबर तक धान की सरकारी खरीद शुरू नहीं हुई तो 22 सितंबर को शाहाबाद के शहीद ऊधम सिंह स्मारक में प्रदेश स्तरीय किसान महापंचायत बुलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि स्मारक जीटी रोड के साथ स्थित है और मांग पूरी नहीं होने की स्थिति में किसानों की ओर से जीटी रोड जाम करने की रणनीति भी बनाई जा सकती है।
इससे पहले बुधवार को शाहाबाद अनाज मंडी में आयोजित किसान महापंचायत की अध्यक्षता करते हुए गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने प्रदेश सरकार और प्रशासन को धान की सरकारी खरीद के संबंध में स्थिति स्पष्ट करने के लिए एक घंटे का समय दिया था। उन्होंने सुबह 11:30 बजे अल्टीमेटम दिया था। इसके बाद दोपहर करीब 12:30 बजे उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा किसानों के बीच पहुंचे।
उपायुक्त ने किसानों को बताया कि 20 सितंबर तक सरकारी खरीद शुरू कराने के लिए संबंधित स्तर पर पत्र लिखा गया है। प्रशासन की ओर से मिले इस आश्वासन के बाद चढ़ूनी ने तत्काल आंदोलन शुरू करने के बजाय सरकार को तय समय तक का मौका देने की घोषणा की।
चढ़ूनी ने कहा कि यदि 20 सितंबर तक खरीद शुरू नहीं होती है तो 22 सितंबर को दोबारा किसान महापंचायत होगी और उसके बाद आंदोलन की अगली रणनीति तय की जाएगी।
गौरतलब है कि चढ़ूनी ने दो दिन पहले शाहाबाद अनाज मंडी का दौरा कर वहां पहुंची धान की फसल का जायजा लिया था। उन्होंने वीडियो जारी कर कहा था कि 15 सितंबर से धान की सरकारी खरीद शुरू नहीं होने पर किसानों और आढ़तियों दोनों की परेशानियां बढ़ेंगी। उन्होंने सरकार से निर्धारित समय पर खरीद शुरू करने की मांग की थी और चेतावनी दी थी कि मांग पूरी नहीं होने पर किसान आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
इसके अगले दिन चढ़ूनी ने चंडीगढ़ में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की प्रधान सचिव अमनीत पी. कुमार से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने धान और बाजरे की सरकारी खरीद जल्द शुरू करने की मांग रखी थी। वहां से स्पष्ट समाधान नहीं मिलने के बाद आगामी रणनीति तय करने के लिए 16 सितंबर को शाहाबाद अनाज मंडी में प्रदेश स्तरीय बैठक बुलाई गई थी।
किसानों की बैठक को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने शाहाबाद में पांच पुलिस उपाधीक्षकों की ड्यूटी लगाई थी। अनाज मंडी से जीटी रोड की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग भी की गई थी, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।