समर न्यूज | तरनतारन
पंजाब में धान की कटाई का मौसम शुरू होने से पहले ही पराली जलाने की घटनाएं सामने आ गई हैं। राज्य में इस साल पराली जलाने की आधिकारिक निगरानी 15 सितंबर से शुरू हुई है। पहले ही दिन तरनतारन जिले में खेतों में आग लगाए जाने की दो घटनाएं दर्ज की गईं।
निगरानी का यह दौर 30 नवंबर तक चलेगा। पिछले कुछ वर्षों में पंजाब में खेतों में आग की घटनाओं में लगातार कमी दर्ज की गई है। वर्ष 2025 में राज्य में 5,114 घटनाएं दर्ज हुई थीं, जबकि 2024 में यह संख्या 10,909 और 2023 में 36,663 थी। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 2025 का आंकड़ा पिछले वर्षों की तुलना में काफी कम रहा। हालांकि, इस बार धान की कटाई का क्षेत्र करीब 32.75 लाख हेक्टेयर रहने और फसल कटाई अक्टूबर में तेज होने की संभावना है। इस सीजन में पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और कृषि विभाग ने पराली प्रबंधन के लिए कार्रवाई योजना तैयार की है। खेतों में आग की निगरानी पंजाब रिमोट सेंसिंग सेंटर के माध्यम से की जाएगी। इसके साथ ही पहली बार ड्रोन के इस्तेमाल की तैयारी है, खासकर उन घटनाओं की पहचान के लिए जो शाम के समय होने के कारण उपग्रह निगरानी में छूट सकती हैं। राज्य के आठ जिलों को अधिक जोखिम वाले क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया गया है।
{किसानों को जागरूक करने पर जोर: सरकार की ओर से फसल अवशेष प्रबंधन मशीनरी उपलब्ध कराने और किसानों को पराली न जलाने के लिए जागरूक करने पर जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक धान की कटाई के साथ अक्टूबर में खेतों में आग की घटनाएं बढ़ सकती हैं, इसलिए शुरुआती स्तर से निगरानी और मौके पर कार्रवाई को मजबूत किया जा रहा है।