summer express, करनाल। कर्ण विहार की गली नंबर 29 में पीर की मजार को लेकर मंगलवार को विवाद गहरा गया। स्थानीय लोगों ने यहां कथित तौर पर तंत्र-विद्या और अंधविश्वास से जुड़ी गतिविधियां संचालित होने के आरोप लगाए। विरोध के बीच हिंदू समाज के कुछ लोग मौके पर पहुंचे और मजार के ढांचे को तोड़ दिया। सूचना मिलने पर पुलिस बल भी मौके पर पहुंचा।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि रिहायशी क्षेत्र में करीब डेढ़ साल से हुकम जी दरबार के नाम पर गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। लोगों के मुताबिक, देर रात तक यहां लोगों की आवाजाही रहती थी, जिससे आसपास रहने वाले परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
मोहल्लेवासियों के अनुसार, करीब डेढ़ साल पहले खाली पड़ी जगह पर केवल दो ईंटें रखी गई थीं। इसके बाद धीरे-धीरे वहां टाइलें और स्टील की ग्रिल लगाकर मजार का निर्माण कर दिया गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि धार्मिक आस्था की आड़ में तंत्र-मंत्र के नाम पर लोगों को गुमराह किया जा रहा था। हालांकि, क्षेत्रवासियों ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध किसी धर्म के खिलाफ नहीं है, बल्कि कथित अंधविश्वास और तांत्रिक गतिविधियों को लेकर है।
लोगों ने आरोप लगाया कि हुकम जी दरबार के नाम पर यहां रात दो से तीन बजे तक दरबार लगाए जाते थे। देर रात तक अनजान लोगों की आवाजाही और कथित संदिग्ध गतिविधियों को लेकर आसपास के परिवारों में नाराजगी थी। विरोध बढ़ने और मीडिया के मौके पर पहुंचने की जानकारी मिलने के बाद कथित संचालक अपने मकान पर ताला लगाकर वहां से चला गया।
मंगलवार को हिंदू समाज के लोगों ने मौके पर पहुंचकर मजार के ढांचे को तोड़ दिया। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में अवैध निर्माण या अंधविश्वास फैलाने संबंधी आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस की ओर से मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही मजार के निर्माण, वहां संचालित गतिविधियों और संबंधित लोगों की भूमिका को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।