summer express , झज्जर। जिले के सासरौली गांव की रहने वाली निशानेबाज सुरुचि इंदर सिंह ने 2026 एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को स्वर्ण पदक दिलाया। 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में सुरुचि ने कमलजीत के साथ मिलकर यह उपलब्धि हासिल की। उनकी इस सफलता से परिवार के साथ-साथ गांव और पूरे जिले में खुशी का माहौल है।
सुरुचि के पिता इंदर सिंह ने बेटी की उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि उसने देश के साथ-साथ गांव और जिले का नाम रोशन किया है। इंदर सिंह भारतीय सेना में हवलदार रह चुके हैं। परिवार में खेल का माहौल होने के कारण सुरुचि का शुरुआती रुझान कुश्ती की ओर था। वह पहलवानी में करियर बनाना चाहती थीं, लेकिन एक मुकाबले के दौरान उनकी हंसली की हड्डी टूट गई। गंभीर चोट के कारण उन्हें कुश्ती छोड़नी पड़ी।
इसके बाद महज 13 वर्ष की उम्र में सुरुचि ने निशानेबाजी को अपने करियर का माध्यम बनाया। शूटिंग में आगे बढ़ने के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की। वह रोजाना परिवार के साथ झज्जर से भिवानी स्थित गुरु द्रोणाचार्य शूटिंग अकादमी तक लोकल ट्रेन से सफर करती थीं। झज्जर से भिवानी आने-जाने में करीब 100 किलोमीटर की दूरी तय होती थी। कोच सुरेश सिंह के मार्गदर्शन में उन्होंने नियमित अभ्यास किया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई।
सुरुचि ने वर्ष 2025 में ब्यूनस आयर्स, लीमा और म्यूनिख में आयोजित विश्व कप प्रतियोगिताओं में लगातार तीन व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीते थे। इसके बाद उन्होंने विश्व रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल किया। दोहा में आयोजित आईएसएसएफ वर्ल्ड कप फाइनल में उन्होंने जूनियर विश्व रिकॉर्ड भी बनाया था।
अब एशियन गेम्स में कमलजीत के साथ 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर सुरुचि ने अपने खाते में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ ली है। चोट के कारण कुश्ती छोड़ने के बाद निशानेबाजी को अपनाने वाली सुरुचि की यह सफलता उनके खेल सफर में महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जा रही है।
लेखक: अंकुर कपूर