summer express , अंबाला (अंकुर कपूर)। अंबाला की बुआवा अनाज मंडी में बारिश के कारण किसानों की धान की फसल भीग गई, जिससे उन्हें नुकसान की चिंता सताने लगी है। मंडी में जलभराव के साथ खुले में पड़ी और सड़क पर सुखाई जा रही हजारों क्विंटल धान की फसल बारिश की चपेट में आ गई। किसानों ने सरकार और मंडी प्रशासन से फसल की जल्द खरीद शुरू करने तथा नुकसान की भरपाई की मांग की है।
किसानों का कहना है कि मंडियों में धान की आवक शुरू होने के बावजूद खरीद प्रक्रिया समय पर शुरू नहीं होने से उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है। किसान महेंद्र सिंह औजला ने बताया कि पिछले वर्ष सरकार ने 22 सितंबर से धान की खरीद शुरू कर दी थी, जबकि इस बार खरीद में देरी हुई। उनका कहना है कि यदि 15 सितंबर से ही खरीद शुरू कर दी जाती तो मंडी में खुले में पड़ी फसल बारिश से बच सकती थी।
महेंद्र सिंह औजला ने आरोप लगाया कि मंडी में किसानों के अनाज को ढकने के लिए पर्याप्त तिरपाल की व्यवस्था नहीं है। किसानों को खुद तिरपाल लेकर आना पड़ रहा है। बारिश के कारण मंडी में रखी धान की बोरियां और सड़क पर सुखाने के लिए डाली गई फसल भीग गई। उन्होंने मंडी प्रशासन पर व्यवस्थाओं को लेकर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया।
किसान गुरजोत सिंह ने बताया कि वह सोमवार दोपहर ट्राली में धान लेकर मंडी पहुंचे थे। मौसम खराब होने के कारण आढ़तियों ने तिरपाल डालकर ट्राली में रखी फसल को बचा लिया, लेकिन इसके बाद हुई तेज बारिश से सड़क पर सुखाने के लिए रखी गई धान की फसल भीग गई। किसानों का कहना है कि धान की आवक 15 सितंबर के आसपास शुरू हो जाती है और यदि समय पर सरकारी खरीद शुरू होती तो उन्हें इस तरह की परेशानी नहीं उठानी पड़ती।
किसानों को आशंका है कि बारिश में भीगी धान की फसल को सूखने में तीन से चार दिन लग सकते हैं और इस दौरान उसकी खरीद प्रभावित हो सकती है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान होने की चिंता है। उन्होंने सरकार से जल्द खरीद शुरू करने और बारिश से खराब हुई फसल के लिए उचित मुआवजा देने की मांग की है।
वहीं, मार्केट कमेटी बुआवा के सचिव नीरज भारद्वाज ने कहा कि मंडी में आई धान की फसल को तिरपाल से ढकने की व्यवस्था की गई थी। उन्होंने माना कि बारिश के कारण मंडी के कुछ हिस्सों में पानी जमा हुआ है, लेकिन अधिकांश हिस्से को साफ करवा दिया गया है। उनका कहना है कि मंडी प्रशासन ने बारिश से पहले अनाज को ढकवाने के लिए व्यवस्था करवाई थी। हालांकि, मंडी में बड़ी मात्रा में धान भीगने को लेकर किसानों की शिकायतें बनी हुई हैं।