समर न्यूज | चंडीगढ़
पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में हुई हिंसा की स्वतंत्र और अदालत की निगरानी में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका एक एलपीयू छात्र की ओर से दाखिल की गई है।
मुख्य न्यायाधीश अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति रोहित कपूर की खंडपीठ बुधवार को इस मामले की सुनवाई करेगी। याचिका में कैंपस में हुई तोड़फोड़, आगजनी और अन्य घटनाओं की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। मामला 26 और 27 सितंबर की रात उस समय बढ़ा, जब सोशल मीडिया और छात्रों के बीच एक छात्रा के साथ कथित यौन उत्पीड़न की सूचना फैलने के बाद विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 के तहत मामला दर्ज किया है। हालांकि, पुलिस और विश्वविद्यालय की अब तक की जांच में कथित यौन अपराध की पुष्टि करने वाला ठोस साक्ष्य सामने नहीं आया है। पुलिस ने बताया है कि संबंधित छात्राओं से पूछताछ और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है।
वीडियो फुटेज, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग खंगाल रही पुलिस
पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने फगवाड़ा पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था और जांच की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि हिंसा में शामिल लोगों की पहचान के लिए वीडियो फुटेज, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है। मामले की विस्तृत जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया गया है। एसआईटी में जालंधर ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक (जांच) विनीत अहलावत, फगवाड़ा के पुलिस अधीक्षक मेजर सिंह, सीआईए स्टाफ प्रभारी बलविंदर सिंह, निरीक्षक अमनप्रीत कौर और सीसीटीवी विशेषज्ञ शामिल हैं। पांच छात्र प्रतिनिधियों को भी जांच में सहयोग के लिए जोड़ा गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच में जिसकी भूमिका सामने आएगी, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होगी।
हिरासत और बाहरी लोगों का मुद्दा
हंगामे के दौरान पांच युवकों को हिरासत में लिए जाने और उनके पास से एक दातर और वॉकी-टॉकी मिलने की जानकारी सामने आई थी। बाद की पुलिस जांच में वॉकी-टॉकी लेकर परिसर में मौजूद लोगों की पहचान भारतीय सेना के कर्मियों के रूप में की गई। जालंधर रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक नवीन सिंगला के अनुसार पुलिस अब भी हिंसा में शामिल अन्य लोगों की पहचान के लिए सीसीटीवी और सोशल मीडिया वीडियो की जांच कर रही है।
कक्षाएं स्थगित, परीक्षाएं भी टलीं
विश्वविद्यालय ने हिंसा के बाद 28 सितंबर से 10 दिनों के लिए नियमित कक्षाएं स्थगित कर दी हैं और मध्यावधि परीक्षाएं भी टाल दी गई हैं। बड़ी संख्या में छात्र परिसर छोड़कर अपने घर चले गए हैं। परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है और वहां रहने वाले छात्रों को अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी गई है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपुष्ट वीडियो, ऑडियो और सोशल मीडिया संदेशों को साझा न करें, क्योंकि अफवाहें भी फैल सकती हैं।