Summer express/शिमला,संजू-: हिमाचल प्रदेश किसान कांग्रेस की नई कार्यकारिणी की पहली बैठक शिमला में आयोजित हुई। बैठक में किसानों और बागवानों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के साथ संगठन को प्रदेश की हर पंचायत और हर घर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया। इस दौरान सेब पर आयात शुल्क में कमी के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया गया और इसके खिलाफ जन आंदोलन की चेतावनी दी गई।नवनियुक्त हिमाचल किसान कांग्रेस अध्यक्ष रवि शर्मा ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता किसानों और बागवानों को गांव-द्वार पर ही रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सके। उन्होंने कहा कि पशुपालन, प्राकृतिक खेती तथा मक्की, गेहूं, अदरक और लहसुन जैसी फसलों के माध्यम से यदि परिवार को घर पर ही करीब 25 हजार रुपये की आय हो, तो युवाओं को रोजगार के लिए औद्योगिक क्षेत्रों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा।रवि शर्मा ने MIS भुगतान को लेकर कहा कि फंड की कमी के बावजूद सरकार चरणबद्ध तरीके से किसानों-बागवानों के भुगतान के लिए प्रतिबद्ध है।
वहीं, शिमला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष हरि कृष्ण हिमराल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सेब पर आयात शुल्क में लगातार कमी से हिमाचल के बागवानों के सामने चुनौती बढ़ी है। उन्होंने आपदा राहत राशि को लेकर भी केंद्र सरकार से प्रदेश को लंबित धनराशि जारी करने की मांग उठाई।शिमला जिला किसान कांग्रेस अध्यक्ष ममता ठाकुर ने कहा कि सेब पर इम्पोर्ट ड्यूटी घटाने के विरोध में किसान कांग्रेस जन आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा दूध पर MSP देने की पहल किसानों के हित में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि किसान कांग्रेस की सभी इकाइयां गांव-गांव जाकर किसानों और आम जनता के बीच केंद्र की नीतियों को लेकर अपना पक्ष रखेंगी।