एजेंसी | वॉशिंगटन
अमेरिकी संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) ने भारत के वांछित गैंगस्टर सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ को अपनी ‘टेन मोस्ट वॉन्टेड फ्यूजिटिव्स’ सूची में शामिल किया है। एफबीआई ने उसकी गिरफ्तारी में मदद करने वाली सूचना देने वाले को अधिकतम 10 लाख डॉलर का इनाम देने की घोषणा की है।
भारतीय मुद्रा में यह राशि करीब 9.5 करोड़ रुपये बैठती है। बराड़ अमेरिका में मौजूद है और लॉरेंस बिश्नोई संगठित अपराध गिरोह के उत्तरी अमेरिका में कथित प्रमुख नेताओं में शामिल है। उसे हिंसक अपराधों, लक्षित हत्याओं, अपहरण, रंगदारी, मादक पदार्थों और हथियारों की तस्करी से जुड़े मामलों में वांछित बताया गया है।
एफबीआई के मुताबिक बराड़ के खिलाफ लॉस एंजिलिस की संघीय अदालत में कई आरोप लगाए गए हैं। इनमें संगठित अपराध से जुड़े कानून के तहत साजिश, रंगदारी के लिए वाणिज्यिक गतिविधियों में हस्तक्षेप की साजिश तथा मादक पदार्थों के वितरण की साजिश शामिल है। एफबीआई ने उसे अपनी सूची में शामिल करने का फैसला 28 सितंबर को घोषित किया। वह इस सूची में शामिल होने वाला 543वां व्यक्ति है। अमेरिकी एजेंसी ने कहा कि वह हथियारबंद और बेहद खतरनाक हो सकता है तथा उसके अमेरिका और कनाडा के विभिन्न हिस्सों में रहने की जानकारी है।
{निज्जर हत्याकांड से जुड़ा आरोप: जुलाई में अमेरिकी अधिकारियों ने ‘ऑपरेशन हार्डबॉल’ के तहत भारत से जुड़े तीन अंतरराष्ट्रीय आपराधिक गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी दी थी। इस दौरान 37 लोगों के खिलाफ आरोप तय किए गए थे। एफबीआई के अनुसार इनमें लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े गिरोह का मामला भी शामिल है। अमेरिकी अभियोग में कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में 18 जून 2023 को मारे गए हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का भी उल्लेख है। अभियोग के अनुसार बिश्नोई और बराड़ पर हत्या का आदेश देने का आरोप है। यह आरोप अभी अदालत में विचाराधीन हैं। अमेरिकी जांच के अनुसार बिश्नोई जेल में रहते हुए कथित तौर पर अवैध रूप से पहुंचाए गए मोबाइल फोन और इंटरनेट आधारित कॉलिंग उपकरणों का इस्तेमाल कर अपने नेटवर्क के सदस्यों को निर्देश देता था। एफबीआई ने बराड़ को इस नेटवर्क में बिश्नोई के कथित करीबी सहयोगियों में शामिल बताया है। कनाडा की रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस भी इस मामले की जांच में अमेरिकी एजेंसियों के साथ सहयोग कर रही है।
{अंतरराष्ट्रीय तलाश तेज, 37 आरोपियों पर कार्रवाई: एफबीआई ने कहा है कि बराड़ की गिरफ्तारी के लिए अमेरिका, कनाडा और अन्य देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय किया जा रहा है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार जुलाई में घोषित ‘ऑपरेशन हार्डबॉल’ के तहत तीन भारत-आधारित अंतरराष्ट्रीय आपराधिक गिरोहों से जुड़े 37 आरोपियों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए थे। उस समय 24 आरोपी गिरफ्तार या हिरासत में थे। एफबीआई ने बताया कि बाद में उसके सहयोगी चार फरार आरोपियों को पकड़ चुके हैं और एक की मौत हो चुकी है। बराड़ समेत कुछ अन्य आरोपी अब भी फरार हैं।
{लॉरेंस बिश्नोई नेटवर्क की परतें खोलीं: अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई ने जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के कथित अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क को लेकर कई जानकारियां सामने रखी हैं। बिश्नोई ने खुद को देशभक्त और धार्मिक व्यक्ति के रूप में पेश कर भारत, अमेरिका और अन्य देशों में अपने गिरोह के लिए लोगों को जोड़ा। वह जेल से अवैध मोबाइल फोन और इंटरनेट आधारित संचार उपकरणों के जरिए नेटवर्क को निर्देश देता था। बिश्नोई गिरोह ने मार्च 2024 से जुलाई 2025 के बीच लॉस एंजिल्स क्षेत्र में प्रतिद्वंद्वी गिरोहों से करीब 520 किलोग्राम कोकीन हासिल की।