Summer express/शिमला,संजू-:शिमला नगर निगम के मासिक हाउस की बैठक में मंगलवार को शहर की दो प्रमुख समस्याओं—आवारा कुत्तों और बंदरों के बढ़ते आतंक—को लेकर पार्षदों ने गंभीर चिंता जताई। मेयर सुरेंद्र चौहान की अध्यक्षता में हुई बैठक में पार्षदों ने कहा कि कई क्षेत्रों में कुत्तों और बंदरों के हमलों का खतरा लगातार बढ़ रहा है, जिससे स्थानीय लोगों, बच्चों और बुजुर्गों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पार्षदों ने नगर निगम से प्रभावी और स्थायी समाधान की मांग की।
नगर निगम ने आवारा कुत्तों की संख्या और रेबीज के खतरे को नियंत्रित करने के लिए एंटी-रेबीज वैक्सीनेशन अभियान चलाने का निर्णय लिया है।यह अभियान 3 से 13 अक्टूबर तक चलेगा।इसके बाद 15 अक्टूबर से आवारा कुत्तों की स्टेरलाइजेशन ड्राइव शुरू की जाएगी। बैठक में पालतू कुत्तों के रजिस्ट्रेशन को अनिवार्य करने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा।पार्षदों ने शहर में पालतू कुत्तों का रिकॉर्ड व्यवस्थित करने की जरूरत बताई।
वहीं, संजौली में प्रस्तावित अंडरग्राउंड टनल निर्माण के कारण शांति विहार क्षेत्र के मकानों में आई दरारों का मामला भी सदन में जोरदार तरीके से उठा।पार्षदों ने भवनों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि निर्माण कार्य शुरू करने से पहले प्रभावित भवनों की स्थिति का आकलन और सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।चर्चा के बाद नगर निगम सदन ने प्रदेश सरकार से शांति विहार क्षेत्र के भवनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रस्ताव पारित किया।