Summer express/मंडी, धर्मवीर-: भाजपा मुख्य प्रवक्ता एवं सुंदरनगर विधायक राकेश जम्बाल ने चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस नेताओं के बयानों पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि यदि वास्तव में “वोट चोरी” जैसी कोई स्थिति होती, तो आज हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार ही नहीं होती। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव चुनाव आयोग की निगरानी में हुए और उसी जनादेश के आधार पर कांग्रेस सत्ता में आई तथा सुखविंदर सिंह सुक्खू मुख्यमंत्री बने। अब उसी चुनावी व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल उठाना कांग्रेस के दोहरे राजनीतिक चरित्र को उजागर करता है।
राकेश जम्बाल ने कहा कि कांग्रेस के पास आज अपनी राजनीतिक विफलताओं का जवाब नहीं है, इसलिए वह चुनाव आयोग को निशाना बनाकर जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस को खुद ही बताना चाहिए कि ज्ञानेश कुमार का दोष है या कांग्रेस का फेलियर? हर चुनाव में परिणाम अपनी सुविधा के अनुसार स्वीकार करना और प्रतिकूल परिणाम आने पर चुनाव आयोग पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति गंभीरता नहीं, बल्कि राजनीतिक सुविधा की नीति है।राकेश जम्बाल ने कहा कि कभी कांग्रेस बेल्ट पेपर पर चुनाव करवाने की बात करती है जबकि प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव बेल्ट पेपर पर ही हुए और परिणाम भाजपा के पक्ष में आए। इससे जाहिर है कि मुद्दाविहिन कांग्रेस बेवजह के मुद्दों को तलाश रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता का फैसला सर्वाेपरि है। चुनाव जीतने पर संस्थाओं को स्वीकार करना और हार या राजनीतिक नुकसान होने पर उन्हीं संस्थाओं पर आरोप लगाना कांग्रेस की राजनीतिक जिम्मेदारी से बचने का रास्ता नहीं हो सकता। वोट चोरी होती तो आज हिमाचल में कांग्रेस सत्ता में न होती। इसलिए कांग्रेस पहले अपनी राजनीतिक विफलता का हिसाब दे, उसके बाद चुनाव आयोग पर सवाल उठाए।