Shimla, Sanju
हिमाचल प्रदेश में फोरलेन निर्माण कार्यों से प्रभावित लोगों ने आज चक्कर स्थित नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, प्रभावित परिवार, हिमाचल किसान सभा और सीटू से जुड़े कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने NHAI, गावर कंस्ट्रक्शन और भारत सिंगला कंपनी पर लापरवाही और लोगों के अधिकारों की अनदेखी के गंभीर आरोप लगाए।
प्रदर्शनकारियों का आरोप:
हिमाचल किसान सभा के अध्यक्ष कुलदीप तंवर ने कहा कि फोरलेन निर्माण कार्यों के दौरान कंट्रोल विड्थ से बाहर जाकर हजारों लोगों की संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया है, लेकिन उनके लिए मुआवजे की कोई व्यवस्था नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि NHAI के पास पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क निर्माण के लिए कोई वैज्ञानिक मॉडल नहीं है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कंपनियों द्वारा किए गए स्थानीय लोगों को 80% रोजगार देने के वादे भी पूरे नहीं हुए हैं।
तंवर ने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो प्रदेशभर में जन आंदोलन तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 7 अगस्त तक विभिन्न क्षेत्रों में बैठकें आयोजित की जाएंगी और राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को लेकर राज्य स्तर पर अधिवेशन बुलाया जाएगा।
“NHAI और निर्माण कंपनियां पहाड़ी इलाकों में वैज्ञानिक तरीके से काम नहीं कर रहीं। लोगों को उजाड़ा गया है, पर मुआवजा नहीं मिला।”— कुलदीप तंवर, अध्यक्ष, हिमाचल किसान सभा
प्रभावितों की व्यथा:
प्रभावित लोगों ने बताया कि निर्माण कार्यों के कारण कई घरों में दरारें आ गई हैं और कुछ इमारतें तो पूरी तरह से असुरक्षित घोषित कर दी गई हैं। एक पीड़ित ने बताया, “हमारी पूरी जीवन भर की कमाई घर बनाने में लगी थी, लेकिन अब बेघर हो गए हैं।” उन्होंने कहा कि कंपनी ने केवल एक कमरे का अस्थायी इंतजाम किया है लेकिन मुआवजे के नाम पर सिर्फ आश्वासन ही मिला है। अब उन्हें किराए पर रहना पड़ रहा है और किसी भी प्रकार की पुनर्वास सुविधा नहीं दी गई
“हमारा घर असुरक्षित घोषित हो गया, कंपनी ने एक कमरा तो दिया, लेकिन मुआवजे का कोई अता-पता नहीं।”
— प्रभावित स्थानीय निवासी
मूल मांगे:
- वैज्ञानिक तरीके से कटिंग और डंपिंग की निगरानी
- प्रभावितों को उचित मुआवजा
- पुनर्वास के लिए ठोस व्यवस्था
- रोजगार वादों को पूरा किया जाए
- प्रदेशव्यापी जांच व राज्य स्तरीय अधिवेशन