summer express ,नई दिल्ली। वोटर लिस्ट में कथित अनियमितताओं को लेकर विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन के बीच दिल्ली पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों के लिए बॉडी कैमरा अनिवार्य कर दिया है। नई दिल्ली इलाके में डीसीपी सचिन शर्मा समेत एसीपी रैंक और उससे ऊपर के अधिकारियों को 6 अक्टूबर से बॉडी कैमरा पहनना होगा। अधिकारियों के प्रदर्शन के दौरान होने वाली गतिविधियों की रिकॉर्डिंग के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है।
यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब जंतर-मंतर के पास प्रदर्शन के दौरान कुछ महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों पर कथित तौर पर दुर्व्यवहार और छेड़छाड़ के आरोप लगाए थे। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठे थे।
जानकारी के अनुसार, 3 अक्टूबर को जंतर-मंतर के पास प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों ने एसीपी विवेक भगत समेत तीन पुलिसकर्मियों पर कथित छेड़छाड़ के आरोप लगाए थे। मामले को लेकर महिला पत्रकारों की ओर से कार्रवाई और एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई थी। इस मुद्दे पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी सोशल मीडिया के जरिए प्रतिक्रिया दी थी।
वर्तमान में वोटर लिस्ट में कथित हेरफेर के मुद्दे पर विपक्षी दलों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस की ओर से नियमों का पालन नहीं करने वाले प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया जा रहा है। प्रदर्शन में आम लोगों के साथ स्कूली छात्रों के शामिल होने की बात भी सामने आई है।
बॉडी कैमरा लगाए जाने के बाद पुलिस अधिकारियों की ड्यूटी के दौरान होने वाली गतिविधियां रिकॉर्ड होती रहेंगी। पुलिस अधिकारियों पर किसी तरह के दुर्व्यवहार या अन्य आरोप सामने आने की स्थिति में जांच के दौरान कैमरे की रिकॉर्डिंग को साक्ष्य के तौर पर देखा जा सकेगा। इससे प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच होने वाली घटनाओं की स्थिति स्पष्ट करने में मदद मिलने की उम्मीद है।