summer express ,गुरुग्राम। वायु सेना दिवस के अवसर पर गुरुवार को रेजांगला युद्ध स्मारक में देश की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी गई। समारोह में पूर्व सैन्य अधिकारियों और क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने शहीदों को नमन करते हुए उनके साहस, शौर्य और देश के प्रति समर्पण को याद किया।
समारोह के दौरान वक्ताओं ने कहा कि देश की सीमाओं की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले सैनिकों का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। पूर्व सैन्य अधिकारी कर्नल महावीर यादव ने कहा कि शहीदों का सम्मान वास्तव में राष्ट्र का सम्मान है। उन्होंने कहा कि भारतीय सैनिकों ने देश की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया है और उनका साहस व त्याग युवा पीढ़ी के लिए हमेशा प्रेरणा देता रहेगा।
पूर्व सैन्य अधिकारी मेजर डॉ. टीसी राव ने कहा कि रेजांगला युद्ध स्मारक उन वीर सैनिकों की शौर्यगाथा को जीवंत करता है, जिन्होंने विषम परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्य से पीछे हटना स्वीकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि भारतीय वायु सेना ने समय-समय पर अपनी क्षमता, अनुशासन और अदम्य साहस का परिचय दिया है। देश की सुरक्षा को जब भी चुनौती मिली, वायु योद्धाओं ने पूरी क्षमता के साथ उसका सामना किया।
उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और अत्याधुनिक संसाधनों के साथ भारतीय वायु सेना के जवानों का साहस और प्रशिक्षण उसकी महत्वपूर्ण ताकत है। वायु योद्धाओं के पराक्रम ने कई मौकों पर देश की रक्षा क्षमता को मजबूती प्रदान की है।
एडवोकेट शीशराम यादव ने कहा कि वीर सैनिकों की गाथाएं केवल इतिहास का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि वे आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और देशसेवा की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने कहा कि समाज को सैनिकों के त्याग से प्रेरणा लेते हुए देशहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संकल्प लेना चाहिए।
कार्यक्रम में पूर्व सैन्य अधिकारी एके दास, डॉ. राजेंद्र प्रसाद फाउंडेशन के अध्यक्ष राजेश पटेल, रश्मी, ज्योति शाह, जगमल सिंह, ईश्वर शर्मा, सतीश कुमार, नवीन सिंह, राजेश कुमार और जय प्रकाश समेत कई लोग मौजूद रहे। सभी ने रेजांगला युद्ध स्मारक पर पुष्प अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान बच्चों ने भी अपनी प्रस्तुतियों और रचनाओं के माध्यम से वीर जवानों के बलिदान को नमन किया।