Summer express, मंजूर पठान, चंबा। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के चुराह विधानसभा क्षेत्र में वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में विज्ञान संकाय की कमी का मुद्दा उठने लगा है। युवा समाजसेवी सनी सूर्यवंशी ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए क्षेत्र के अधिक स्कूलों में विज्ञान संकाय की पढ़ाई शुरू करवाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि चुराह उपमंडल के दो शिक्षा खंडों के अंतर्गत आने वाले 22 वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में से केवल तीन स्कूलों में ही विज्ञान संकाय की सुविधा उपलब्ध है, जबकि 19 स्कूलों में विज्ञान संकाय नहीं है।
सनी सूर्यवंशी ने कहा कि विज्ञान संकाय की सुविधा नहीं होने के कारण विद्यार्थियों को अपनी रुचि के अनुसार पढ़ाई करने में परेशानी होती है। कई बच्चों को मजबूरी में कला संकाय चुनना पड़ता है, जिससे उनके भविष्य के सपनों पर असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी विज्ञान की पढ़ाई करने और डॉक्टर बनने का अवसर मिलना चाहिए।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि चुराह क्षेत्र आकांक्षी जिले चंबा के आकांक्षी खंड तीसा में आता है, इसके बावजूद यहां के अधिकांश वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में विज्ञान संकाय की सुविधा उपलब्ध नहीं है। इसका असर क्षेत्र के विद्यार्थियों के भविष्य के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ सकता है। यदि स्थानीय स्तर पर विद्यार्थियों को विज्ञान की पढ़ाई का अवसर मिलेगा, तो उनमें से कई आगे चलकर डॉक्टर बन सकते हैं और अपने क्षेत्र में सेवाएं देकर स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने में योगदान दे सकते हैं।
सनी सूर्यवंशी ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों की कमी एक बड़ी चुनौती है। स्थानीय विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं देकर चिकित्सा क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है। इससे भविष्य में क्षेत्र को प्रशिक्षित डॉक्टर मिल सकते हैं और लोगों को अपने आसपास बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की कि चुराह विधानसभा क्षेत्र के 22 वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में से कम से कम चार से पांच अन्य स्कूलों में विज्ञान संकाय शुरू किया जाए। इससे विद्यार्थियों को विज्ञान की पढ़ाई के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों में जाने की परेशानी से राहत मिल सकती है और उन्हें अपने क्षेत्र में ही आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिलेंगे।