एजेंसी | नई दिल्ली
दिल्ली में लंबे समय से विरोध-प्रदर्शनों के प्रमुख केंद्र रहे जंतर-मंतर को आधिकारिक प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया गया है। दिल्ली पुलिस के नए आदेश के अनुसार, अब रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली स्थित सीबीडी मैदान को प्रदर्शन के लिए निर्धारित किया गया है। यह फैसला केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से गठित समिति की सिफारिशों के आधार पर लिया गया है।
नए स्थलों पर प्रदर्शन आयोजित करने की प्रक्रिया और नियमों के लिए संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया अलग से जारी की जाएगी। यह बदलाव ऐसे समय हुआ है, जब सीजेपी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और एसआईआर पर रोक की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति मांगी थी। पुलिस ने अनुमति देने से इन्कार कर दिया। नौ अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने भी अधिकारियों से जंतर-मंतर के विकल्प के रूप में बेहतर सुविधाओं वाला स्थान तलाशने पर विचार करने को कहा था।
एसआईआर के खिलाफ विपक्ष का सुप्रीम कोर्ट तक मार्च, 11 नेताओं ने दायर की याचिका
नई दिल्ली। विपक्षी दलों ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका के खिलाफ सोमवार को अपना आंदोलन तेज कर दिया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव समेत 11 विपक्षी नेताओं ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूचियों से बड़े पैमाने पर नाम हटाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता का अभाव है। विपक्षी नेताओं ने सोमवार को दिल्ली में लोकतंत्र के समर्थन में मार्च निकाला। इसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए। मार्च को सुप्रीम कोर्ट से पहले पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोक दिया। इसके बाद विपक्ष की कानूनी टीम ने अदालत में याचिका दाखिल की। इस घटनाक्रम को चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष के आंदोलन को न्यायिक स्तर तक ले जाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।