समर न्यूज | चंडीगढ़
पंजाब में बेमौसम बारिश ने धान की कटाई और सरकारी खरीद व्यवस्था को प्रभावित किया है। रविवार को तेज हवाओं और बारिश से मालवा क्षेत्र के बठिंडा, मुक्तसर, फरीदकोट, फाजिल्का, मानसा और बरनाला में खड़ी तथा काटकर मंडियों में रखी फसल को नुकसान पहुंचा।
खेतों में तैयार धान की फसल गिरने से कटाई में देरी की आशंका है, जबकि मंडियों में खुले में रखी बोरियां भीगने और पानी में डूबने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। बासमती और कपास की फसल भी प्रभावित होने की खबरें हैं। फाजिल्का की अनाज मंडी में बारिश के बाद तीन से चार फीट तक पानी भर गया। करीब 90 एकड़ में फैली मंडी में जलभराव के कारण कई जगह धान की ढेरियां बह गईं और बोरियां पानी में डूब गईं। मंडी में रखी खरीदी और बिना खरीदी गई फसल की लगभग सात से आठ लाख बोरियों का जिक्र सामने आया है। हालात ऐसे रहे कि कुछ लोगों को मंडी के भीतर आने-जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ा। किसानों और आढ़तियों ने नुकसान का आकलन करोड़ों रुपये में होने की आशंका जताई।
किसानों का कहना है कि खुले में रखे धान को सुरक्षित करने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं थे और जलनिकासी की व्यवस्था भी नाकाफी साबित हुई। फसल बचाने के लिए किसान, मजदूर और आढ़ती पानी में उतरकर बोरियां तथा धान समेटते नजर आए।
}दूसरे जिलों में भी चिंता
मालवा के अन्य हिस्सों में भी खेतों में खड़ी फसल तेज हवाओं के कारण गिरने और मंडियों में धान भीगने की शिकायतें मिली हैं। बठिंडा, मुक्तसर और फरीदकोट की मंडियों में खरीद व्यवस्था की समीक्षा की गई। मानसा और बरनाला में भी जलभराव की खबरें हैं। बारिश के कारण कटाई, मंडियों तक फसल पहुंचाने और खरीद की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। भीगे धान में नमी बढ़ने से गुणवत्ता के मानकों पर खरा उतरने और खरीद में देरी की आशंका भी किसानों के लिए चिंता का विषय है। हालांकि, अभी पूरे पंजाब में फसल के नुकसान का कोई समेकित आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है।
}सरकार का भरोसा, नुकसान की रिपोर्ट तलब… खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटारूचक ने बठिंडा, मुक्तसर और फरीदकोट की मंडियों का दौरा कर किसानों को आश्वासन दिया कि सरकार उनकी पूरी फसल खरीदेगी। उन्होंने कहा कि बोरियों की पर्याप्त उपलब्धता है और बारिश से हुए नुकसान से निपटने के लिए कदम उठाए जाएंगे। कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने खड़ी फसल और मंडियों में रखे धान के नुकसान पर रिपोर्ट मांगी है। सरकार का कहना है कि खरीद में किसानों को परेशानी नहीं आने दी जाएगी। हालांकि, प्रभावित किसानों को राहत और मुआवजा देने के बारे में राज्यव्यापी आकलन व ठोस घोषणा का इंतजार है।
}किसानों की मांग: विशेष गिरदावरी और मुआवजा: किसान संगठनों ने प्रभावित क्षेत्रों में विशेष गिरदावरी कराकर नुकसान का आकलन करने और जल्द मुआवजा देने की मांग उठाई है। उनकी मांग है कि मंडियों में जलनिकासी, तिरपाल और फसल उठान के इंतजाम मजबूत किए जाएं। साथ ही, बारिश से नमी बढ़ने या दाने का रंग बदलने की स्थिति में खरीद के मानकों पर व्यावहारिक राहत दी जाए, ताकि किसानों
को अपनी उपज बेचने में अतिरिक्त परेशानी न हो।