मरीजों को सर्जरी, प्रोसिजर और जरूरी जांचों के लिए महीनों तक करना पड़ रहा इंतजार, प्रबंधन से व्यवस्था सुधारने की मांग
बिलासपुर, सुभाष -: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता संदीप सांख्यान ने एम्स बिलासपुर की आंतरिक व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध करवाने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि एम्स में इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों को लंबी कतारों से गुजरने के बाद भी सर्जरी, मेडिकल प्रोसिजर और जरूरी जांचों के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है। इससे मरीजों और उनके परिजनों को मानसिक परेशानी के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का भी सामना करना पड़ सकता है।
संदीप सांख्यान ने कहा कि एम्स के कुछ विभागों में मरीजों को सर्जरी या प्रोसिजर की आवश्यकता बताकर घर भेज दिया जाता है और बाद में तारीख तय करने के लिए फोन पर सूचना देने की बात कही जाती है। लेकिन कई मरीजों को हफ्तों और महीनों तक फोन का इंतजार करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में परेशान मरीज या तो अपनी बीमारी के बढ़ने का जोखिम उठाते हैं या फिर मजबूरन दूसरे अस्पतालों का रुख करते हैं।
उन्होंने कहा कि यह समस्या केवल बिलासपुर जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि हिमाचल प्रदेश सहित अन्य क्षेत्रों से एम्स बिलासपुर में उपचार करवाने पहुंचने वाले मरीज भी इससे प्रभावित हो सकते हैं।सांख्यान ने आरोप लगाया कि डायग्नोस्टिक सेवाओं में भी मरीजों को लंबी तारीखें मिलने की शिकायतें सामने आ रही हैं। विशेष रूप से पीईटी-सीटी और एमआरआई जैसी महत्वपूर्ण जांचों के लिए इंतजार करना मरीजों की परेशानी बढ़ा सकता है। उन्होंने कहा कि इस विषय पर तथ्यों की पड़ताल की जाए तो कई महत्वपूर्ण पहलू सामने आ सकते हैं। उनके अनुसार, इस संबंध में कुछ साक्ष्य भी उनके पास मौजूद हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा कि एम्स बिलासपुर हिमाचल प्रदेश का एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय संस्थान है और इससे लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की उम्मीद है। ऐसे में प्रबंधन की जिम्मेदारी है कि मरीजों को समय पर उपचार मिले और व्यवस्थागत कमियों को दूर किया जाए।
उन्होंने एम्स प्रशासन से मांग की कि नियमित समीक्षा बैठकों में इन समस्याओं पर गंभीरता से विचार किया जाए, सर्जरी और जांचों की लंबित तारीखों की निगरानी हो तथा मरीजों को समयबद्ध सूचना देने की व्यवस्था बनाई जाए।सांख्यान ने कहा कि एम्स का प्राथमिक उद्देश्य मरीजों का सही समय पर उपचार सुनिश्चित करना होना चाहिए, न कि उन्हें तारीखों और इंतजार के बीच उलझाए रखना। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रबंधन इस दिशा में ठोस कदम उठाकर मरीजों को राहत देगा और संस्थान की प्रतिष्ठा बनाए रखेगा।