Summer express, अंकुर कपूर, अंबाला। कला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास, संवेदनशीलता और आत्मविश्वास बढ़ाने का भी जरिया है। इसी उद्देश्य के साथ अंबाला छावनी के फर्रुखा खालसा स्कूल में कलाधारा थिएटर एंड आर्ट ग्रुप की ओर से 40 दिवसीय राष्ट्रीय स्तर की आवासीय थिएटर वर्कशॉप आयोजित की जा रही है। इसमें आठ राज्यों से आए 20 युवा कलाकार अभिनय और रंगमंच की विभिन्न विधाओं का प्रशिक्षण ले रहे हैं।
कार्यशाला में हरियाणा के अलावा उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और बिहार के प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। यहां कलाकारों को संवाद अदायगी, चेहरे के भावों के माध्यम से अभिनय और शारीरिक हाव-भाव से अपनी बात प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने का अभ्यास कराया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को माइम यानी मूक अभिनय, सीन वर्क, स्टोरी टेलिंग और स्क्रिप्ट लेखन जैसी विधाओं की जानकारी भी दी जा रही है।
वर्कशॉप का संचालन कलाधारा थिएटर एंड आर्ट ग्रुप के संस्थापक अध्यक्ष एवं प्रशिक्षक अंकुर मिश्रा कर रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में युवा कलाकार रंगमंच की तकनीकी बारीकियां सीख रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान भारतीय नाट्य परंपरा और भरतमुनि के नाट्यशास्त्र के महत्व पर भी चर्चा की जा रही है। कलाकारों को बताया जा रहा है कि अभिनय के माध्यम से केवल किसी किरदार को प्रस्तुत ही नहीं किया जाता, बल्कि भावनाओं, विचारों और सामाजिक विषयों को भी प्रभावी ढंग से अभिव्यक्त किया जा सकता है।
इस कार्यशाला की खास बात यह है कि इसमें थिएटर प्रशिक्षण के साथ योग और ध्यान को भी शामिल किया गया है। आयोजकों का उद्देश्य प्रतिभागियों की एकाग्रता, अनुशासन और आत्मविश्वास को मजबूत करना है, ताकि वे मंच पर अपने किरदारों को अधिक सहजता और प्रभाव के साथ प्रस्तुत कर सकें। योग और ध्यान के अभ्यास से कलाकारों को मानसिक रूप से केंद्रित रहने तथा अपनी अभिव्यक्ति को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
आवासीय स्वरूप वाली इस कार्यशाला में सभी प्रतिभागी एक साथ रहकर प्रशिक्षण और अभ्यास कर रहे हैं। इससे उन्हें एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने, सामूहिक रूप से काम करने और रंगमंच की विभिन्न तकनीकों को समझने का अवसर मिल रहा है।
कार्यशाला में कलाधारा आर्ट ग्रुप के कोषाध्यक्ष करण और प्रतिभागी यश शर्मा ने भी अपने अनुभव साझा किए। यह पहल युवा कलाकारों को रंगमंच की व्यवस्थित शिक्षा देने के साथ उनकी रचनात्मक क्षमता और व्यक्तित्व को निखारने का मंच उपलब्ध करा रही है।