मुख्यमंत्री सुक्खू ने काजा सीबीएसई स्कूल के विद्यार्थियों से किया संवाद, छात्रावास और स्कूल भवन के सुधार का दिया आश्वासन
Summer express/शिमला-: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार आगामी शैक्षणिक सत्र से स्कूलों में नैतिक शिक्षा शुरू करने जा रही है। इसके लिए पाठ्यक्रम तैयार किया जा रहा है। नैतिक शिक्षा विद्यार्थियों में अच्छे संस्कार, सामाजिक जिम्मेदारी और नैतिक मूल्यों को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मुख्यमंत्री आज काजा स्थित सीबीएसई स्कूल के विद्यार्थियों से संवाद कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को मेहनत करने, लक्ष्य निर्धारित करने और जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।
स्कूल में बेहतर सुविधाओं और छात्रावासों के विकास पर जोर
संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने स्कूल की विभिन्न समस्याओं से मुख्यमंत्री को अवगत करवाया। एक छात्रा ने बताया कि स्कूल में 85 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, जिनमें 46 छात्राएं छात्रावास में रहती हैं। उन्होंने छात्रावास में रसोइये, सफाई कर्मचारी और महिला वार्डन की कमी का मुद्दा उठाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए छात्र और छात्राओं के लिए अलग-अलग छात्रावास बनाए जाएंगे। शिक्षकों के लिए भी अलग आवासीय ब्लॉक तैयार किया जाएगा। उन्होंने क्षेत्र में बेहतर स्कूल विकसित करने के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया।
विद्यार्थियों ने कक्षाओं में ठंड और पर्याप्त रोशनी की कमी के कारण पढ़ाई में आने वाली परेशानियों को भी सामने रखा। मुख्यमंत्री ने स्कूल भवन और अन्य सुविधाओं के सुधार के लिए आवश्यक धनराशि उपलब्ध करवाने की बात कही। उन्होंने स्कूल को बेहतर स्वरूप देने और अगले शैक्षणिक सत्र तक इसे तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित करने की जानकारी दी।
पर्यावरण संरक्षण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को मिलेगी प्राथमिकता
एक छात्रा ने पाठ्यक्रम में पर्यावरण अध्ययन को शामिल करने का सुझाव दिया। मुख्यमंत्री ने इसकी सराहना करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण बचेगा, तभी हम भी बचेंगे। विद्यार्थियों ने स्कूल को सीबीएसई से संबद्ध करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि दूरदराज के स्पीति क्षेत्र में सीबीएसई पाठ्यक्रम के तहत शिक्षा प्राप्त करने से उन्हें बेहतर शैक्षणिक अवसर मिलेंगे।
पर्यटन और कौशल प्रशिक्षण से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
स्पीति घाटी के पर्यटन विकास से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य से समृद्ध है। प्रदेश सरकार यहां पर्यटन संबंधी विभिन्न परियोजनाओं को विकसित कर रही है, जिससे स्थानीय लोगों की आय और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने बताया कि हिमाचल दिवस के आयोजन के बाद क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हुई है। यहां आइस हॉकी स्टेडियम का निर्माण भी किया जा रहा है, जिससे भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजनों की संभावनाएं बढ़ेंगी।
विद्यार्थियों ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशेष कोचिंग सुविधा उपलब्ध करवाने का आग्रह किया, ताकि उन्हें पढ़ाई के लिए घाटी से बाहर न जाना पड़े। मुख्यमंत्री ने इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में जल्द ही कौशल प्रशिक्षण पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। पर्यटन से संबंधित विशेष प्रशिक्षण शुरू करने पर भी विचार किया जाएगा, ताकि स्थानीय युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।इस अवसर पर विधायक अनुराधा राणा भी उपस्थित थीं।