Summer express, अमेरिका। इलिनोइस के ऑरोरा इलाके में एक हिंदू मंदिर को निशाना बनाकर सामूहिक गोलीबारी की कथित साजिश रचने के आरोप में 19 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया गया है। जांचकर्ताओं को एक कथित घोषणापत्र भी मिला है, जिसमें श्वेत वर्चस्ववादी विचारधारा और भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ हिंसा का उल्लेख होने की बात सामने आई है। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और संघीय जांच एजेंसी एफबीआई के साथ मिलकर संभावित अन्य आरोपों की भी पड़ताल की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, पैलेटाइन निवासी एलेक्जेंड्रोस पैपोराकिस को 11 अक्टूबर को संभावित सामूहिक गोलीबारी की योजना से जुड़ी जानकारी मिलने के बाद गिरफ्तार किया गया। बुधवार को रोलिंग मीडोज स्थित कुक काउंटी थर्ड म्युनिसिपल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने उसे हिरासत में रखने का आदेश दिया। मामले में उसकी अगली पेशी 30 अक्टूबर को निर्धारित की गई है।
जांच की शुरुआत उस समय हुई, जब माउंट प्रॉस्पेक्ट पुलिस को एक व्यक्ति ने पैपोराकिस की ओर से भेजे गए कुछ चिंताजनक इलेक्ट्रॉनिक संदेशों की जानकारी दी। जांचकर्ताओं का दावा है कि इन संदेशों में कथित सामूहिक गोलीबारी की योजना से संबंधित दस्तावेज साझा किया गया था। इसके साथ राइफल, मैगजीन, बॉडी आर्मर और अन्य सामरिक उपकरणों की तस्वीरें भी भेजी गई थीं।
पुलिस ने संदेशों के अलावा ‘व्हाई आई फॉट: ए.के.ए.: (ऑरोरा शूटर का घोषणापत्र)’ शीर्षक वाले दस्तावेज की भी जांच की। अधिकारियों के अनुसार, इसमें चरमपंथी विचार व्यक्त किए गए थे और दक्षिण एशियाई मूल के लोगों, विशेष रूप से भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ हिंसा का जिक्र था। पैलेटाइन पुलिस विभाग ने बताया कि जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर अधिकारियों को संदेह है कि आरोपी 11 अक्टूबर को हमला करने की योजना बना रहा था। संभावित निशाने के रूप में ऑरोरा क्षेत्र में स्थित एक हिंदू पूजा स्थल का उल्लेख किया गया है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक किसी विशिष्ट मंदिर की पहचान की पुष्टि नहीं की है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पैलेटाइन और माउंट प्रॉस्पेक्ट पुलिस विभागों की संयुक्त कार्रवाई के दौरान आरोपी को उसके घर से निकलते समय गिरफ्तार किया गया। इसके बाद उसके आवास की तलाशी ली गई, जिसमें एक राइफल, कई भरी हुई मैगजीन, सैकड़ों राउंड गोला-बारूद और अन्य सामरिक उपकरण बरामद होने का दावा किया गया है। जांचकर्ताओं को बॉडी आर्मर से लैस एक जैकेट भी मिली, जिस पर श्वेत वर्चस्ववादी चरमपंथ से संबंधित तस्वीरों वाला पैच लगा हुआ था।
संभावित खतरे की जानकारी मिलने के बाद ऑरोरा पुलिस विभाग को भी सतर्क किया गया। विभाग ने अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले हिंदू पूजा स्थलों से संपर्क कर उन्हें जांच की जानकारी दी, ताकि आवश्यक सावधानियां बरती जा सकें।
पैपोराकिस पर आतंकवादी धमकी देने और गैरकानूनी रूप से हथियार रखने के आरोप लगाए गए हैं। इनमें 16 इंच से कम बैरल वाली राइफल रखने का आरोप भी शामिल है। पैलेटाइन के पुलिस प्रमुख विलियम नॉर्ड ने कहा कि दोनों पुलिस विभागों के बीच समय पर सूचनाओं के आदान-प्रदान से संदिग्ध की पहचान करने और उसे गिरफ्तार करने में मदद मिली।
पुलिस विभाग ने पुष्टि की कि मामले की जांच एफबीआई के सहयोग से जारी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि क्या उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ अतिरिक्त आरोप लगाए जा सकते हैं। अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल इस मामले से संबंधित आम जनता के लिए किसी तत्काल खतरे की जानकारी नहीं है।
एफबीआई के शिकागो कार्यालय के स्पेशल एजेंट इन चार्ज रयान व्हेलन ने कहा कि एजेंसी चरमपंथी विचारधाराओं से प्रेरित हिंसा के खतरों की जांच के लिए स्थानीय और राज्य स्तरीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर काम करती है।
इस मामले पर द हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन ने भी प्रतिक्रिया दी है। संगठन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर पुलिस की कार्रवाई का स्वागत किया और लोगों से सतर्क रहने तथा किसी भी संभावित खतरे की सूचना अधिकारियों को देने की अपील की। फाउंडेशन ने कहा कि प्रत्येक समुदाय को बिना किसी डर के अपने धार्मिक स्थलों पर पूजा-अर्चना करने का अधिकार है।