सागर पाहवा | मोहाली
समर न्यूज
रयात बाहरा यूनिवर्सिटी की ओर से विद्यार्थियों में मानसिक स्वास्थ्य एवं तंदुरुस्ती के प्रति जागरूकता पैदा करने, तनाव से निपटने, भावनात्मक मजबूती विकसित करने और नशे के दुरुपयोग की रोकथाम के उद्देश्य से ‘मानसिक स्वास्थ्य एवं तंदुरुस्ती -सार्थक संवाद’ विषय पर एक दिवसीय सम्मेलन आयोजित
किया गया।
इसका आयोजन विद्यार्थी कल्याण विभाग और स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज ने रेड रिबन क्लब तथा पंजाब यूथ सर्विसेज के सहयोग से किया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए यूनिवर्सिटी के चांसलर गुरविंदर सिंह बाहरा ने समय का उचित प्रबंधन करने, जिम्मेदारियों को प्राथमिकता देने और तनाव कम करने के लिए व्यावहारिक तरीके अपनाने के महत्व पर जोर दिया। वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) संजय कुमार ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता दोहराई, जबकि प्रो-वाइस चांसलर डॉ. सतीश कुमार ने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर खुलकर और सार्थक बातचीत करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए डॉ. सिमरजीत कौर ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए विशेषज्ञों की सहायता लेना कमजोरी नहीं, बल्कि साहस और आत्मबल की निशानी है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी समस्याओं के बारे में खुलकर बात करने और आवश्यकता पड़ने पर समय रहते विशेषज्ञों की सलाह लेने के लिए प्रेरित किया। क्लीयरमेडी बाहरा अस्पताल की इंटीग्रेटिव साइकियाट्रिस्ट डॉ. पी. वैशाली ने पढ़ाई के दबाव और भावनात्मक चुनौतियों पर अपने विचार साझा किए। माइंडब्लिस अस्पताल, ऊना के कंसल्टेंट साइकियाट्रिस्ट डॉ. शिवम त्यागी ने चिंता और तनाव से निपटने के तरीकों की जानकारी दी, जबकि ईएसआई अस्पताल, परवाणू के क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. ललित वर्मा ने नशे के दुरुपयोग की रोकथाम और इस संबंध में जागरूकता के महत्व पर प्रकाश डाला।
सम्मेलन के दौरान आयोजित संवादात्मक सत्र में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विशेषज्ञों ने उनके सवालों के जवाब दिए और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियों का सामना करने के लिए व्यावहारिक सुझाव दिए। सम्मेलन का समापन विद्यार्थियों के लिए सहयोगपूर्ण, मानसिक स्वास्थ्य संबंधी झिझक और भेदभाव से मुक्त तथा नशामुक्त परिसर का वातावरण तैयार करने के संकल्प के
साथ हुआ।