Summer express/मंडी, धर्मवीर-: तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश में नए जिलों के गठन से आने वाली पीढ़ियों को लाभ मिलेगा। सरकार लोगों की उम्मीदों और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर फैसले ले रही है। सुंदरनगर में मीडिया से अनौपचारिक बातचीत के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के दिल्ली दौरों पर भाजपा की ओर से उठाए जा रहे सवालों का भी जवाब दिया। इससे पहले मंत्री ने जवाहर लाल नेहरू राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज सुंदरनगर में तीसरे राज्य स्तरीय स्मार्ट हैकाथॉन का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के बेहतरीन आइडियाज को स्टार्टअप में बदलने के लिए 10 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाने की योजना बनाई गई है।
नए जिलों के गठन को लेकर राजेश धर्माणी ने कहा कि यह फैसला प्रदेश की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू प्रदेशहित में काम करने के लिए दिल्ली जाते हैं, ऐसे में भाजपा को उनके दौरों पर आपत्ति क्यों है। मंत्री ने पूर्व भाजपा सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि तत्कालीन सरकार को विकास के लिए 70 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि मिलने के बावजूद प्रदेश की आर्थिक स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।धर्माणी ने दावा किया कि वर्तमान सरकार खर्चों में कटौती और प्रदेश के अधिकारों की लड़ाई के जरिए हर साल चार हजार करोड़ रुपये का आर्थिक लाभ हासिल करने की दिशा में काम कर रही है।
स्मार्ट हैकाथॉन के महत्व पर जोर देते हुए तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान से आगे बढ़कर वास्तविक समस्याओं के समाधान तैयार करने के लिए प्रोत्साहित करना है। व्यावसायिक संभावनाओं वाले चयनित प्रोजेक्ट्स को स्टार्टअप में बदलने के लिए 10 लाख रुपये तक का इनोवेशन फंड देने की योजना तैयार की गई है।उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के प्रोजेक्ट्स का विशेषज्ञों के माध्यम से मूल्यांकन किया जाएगा। आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े ऐसे मॉडल, जिन्हें धरातल पर लागू किया जा सकता है, उन्हें संबंधित विभागों के सहयोग से आगे बढ़ाया जाएगा। हैकाथॉन में 16 टीमों ने हिमाचल की भौगोलिक परिस्थितियों और स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अपने प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए। इनमें ग्लेशियर झीलों की निगरानी के लिए प्रलयनेट, भूस्खलन की पूर्व चेतावनी के लिए शैलासिट और हिमगौरव तथा मौसम संबंधी आपदाओं से निपटने के लिए हिम अलर्ट एआई प्रमुख रहे।इसके अलावा विद्यार्थियों ने बुजुर्गों की सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, दृष्टिबाधित लोगों की सहायता, तीर्थयात्रियों की ट्रैकिंग और बिना इंटरनेट संचार जैसी समस्याओं के समाधान भी प्रस्तुत किए।तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के साथ-साथ प्रदेश की समस्याओं के तकनीकी समाधान विकसित करने में मददगार साबित होंगे। सरकार का प्रयास है कि विद्यार्थियों के उपयोगी विचारों को आर्थिक सहयोग और विशेषज्ञ मार्गदर्शन देकर रोजगार सृजन तथा स्वरोजगार के अवसरों में बदला जाए।