चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार ने राज्य के दीर्घकालिक विकास और “मिशन हरियाणा 2047” को रफ्तार देने के लिए एक नई और क्रांतिकारी पहल की है। सरकार ने ‘भविष्य विभाग’ नाम से एक नया विभाग गठित किया है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्किल डेवलपमेंट, सतत विकास और नीति-निर्माण जैसे अहम क्षेत्रों पर काम करेगा।
इस विभाग का मकसद है हरियाणा को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की दिशा में ले जाना और 2030 तक राज्य की GSDP वृद्धि दर 9% से अधिक करना।
क्या करेगा ‘भविष्य विभाग’?
- AI और रोबोटिक्स पर जोर: स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और प्रशासन जैसे क्षेत्रों में AI और रोबोटिक्स प्रोसेस ऑटोमेशन का प्रयोग बढ़ाया जाएगा।
- युवाओं के लिए फ्यूचर जॉब्स: ग्रीन और टेक्नोलॉजी आधारित नौकरियों में 1 लाख युवाओं को प्रशिक्षित कर जोड़ा जाएगा।
- फ्यूचर स्किल्स फ्रेमवर्क: स्कूल शिक्षा विभाग के साथ मिलकर नई पीढ़ी को इंडस्ट्री 4.0 के लिए तैयार किया जाएगा।
- R&D को मिलेगा बढ़ावा: कृषि, IT और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में अनुसंधान और नवाचार को सरकार प्राथमिकता देगी।
- ग्रामीण-शहरी एकीकरण: प्रवासन और शहरी विकास के लिए दीर्घकालिक रणनीति बनाई जाएगी।
नीति निर्माण में निभाएगा मुख्य भूमिका
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह विभाग अब से पर्यावरण, शिक्षा, उद्योग, स्वास्थ्य, कृषि और वित्त जैसी 50% से अधिक प्रमुख परियोजनाओं में सलाहकार भूमिका निभाएगा।
सरकार ने इसे एक नोडल एजेंसी का दर्जा दिया है, जो सभी विभागों को भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए नीति और रणनीति तैयार करने में सहयोग करेगा।
ई-गवर्नेंस और जलवायु पर विशेष ध्यान
- हरियाणा में 100% डिजिटल साक्षरता का लक्ष्य रखा गया है।
- सभी विभागों में ई-गवर्नेंस लागू कर मैनुअल प्रक्रियाएं खत्म की जाएंगी।
- जलवायु अनुकूलन योजना के तहत राज्य के जलवायु भेद्यता सूचकांक में 20% सुधार का लक्ष्य है।