गुरदासपुर से मानसा तक नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परिवारों से मिले केंद्रीय गृह मंत्री
समर न्यूज | मानसा/गुरदासपुर
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को पंजाब के एक दिवसीय दौरे के दौरान नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों के परिवारों से मुलाकात कर न्याय का भरोसा दिया। दौरे का सबसे अहम पड़ाव मानसा रहा, जहां उन्होंने मारे गए नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा के परिजनों से मुलाकात की। शाह ने परिवार को आश्वासन दिया कि मामले में इंसाफ मिलेगा। उन्होंने बताया कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की टीम बुधवार दोपहर 12 बजे मानसा पहुंचेगी और जांच 120 दिन में पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।
झोटा की हत्या के बाद से परिवार न्याय की मांग को लेकर धरने पर बैठा था। परिवार की प्रमुख मांगों में मामले की सीबीआई जांच शामिल थी। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शाह के दौरे से पहले जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंपने की घोषणा की थी। झोटा के पिता भीम सिंह और अन्य परिजनों ने शाह के सामने अपनी मांगें रखीं। परिवार की ओर से मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक के इस्तीफे की मांग भी उठाई जाती रही है। सीबीआई जांच की घोषणा के बाद अब नजर इस बात पर रहेगी कि जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और परिवार की अन्य मांगों पर क्या कार्रवाई होती है।
शाह ने लुधियाना में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पंजाब में नशे से प्रभावित परिवारों से मिलकर उन्हें अपने जीवन में सबसे ज्यादा दुख महसूस हुआ। शाह ने आप सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह राज्य में नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने में विफल रही है और यह कारोबार लगातार बढ़ रहा है। नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ रहे हैं।
गुरदासपुर से संगरूर तक मुलाकातें
शाह ने दिन की शुरुआत गुरदासपुर जिले के मारी पनवां गांव से की, जहां उन्होंने नशा तस्करी का विरोध करने के बाद मारे गए बिक्रमजीत सिंह के परिवार से मुलाकात की। परिजनों ने न्याय और सीबीआई जांच की मांग रखी। इसके बाद शाह संगरूर जिले के तूर बंजारा गांव पहुंचे और गुलजार सिंह के परिवार से मिले। गुलजार की मौत को लेकर परिजनों ने आरोप लगाया था कि नशे की आपूर्ति पर सवाल उठाने के कारण उन्हें प्रताड़ित किया गया। शाह ने दोनों परिवारों को न्याय दिलाने और पंजाब को नशामुक्त बनाने की बात कही।
लुधियाना में रावण दहन
दिन के अंतिम कार्यक्रम में शाह ने लुधियाना के दरेसी मैदान में दशहरा समारोह के दौरान रावण दहन किया। भाजपा ने इस आयोजन को पंजाब से नशे के खात्मे के संदेश से जोड़ा। कार्यक्रम में नशे को सामाजिक बुराई बताते हुए इसके खिलाफ सामूहिक लड़ाई का आह्वान किया गया। पार्टी पहले ही 2029 के अंत तक पंजाब को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य घोषित कर चुकी है।
अब जांच और कार्रवाई पर नजर
शाह का दौरा ऐसे समय हुआ है, जब पंजाब में नशे की तस्करी और उसका विरोध करने वालों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सीबीआई की जांच शुरू होने के बाद यह देखना अहम होगा कि झोटा हत्याकांड में साजिश या अन्य आरोपों की जांच किस तरह आगे बढ़ती है। परिवार को मिला भरोसा अब ठोस कार्रवाई में बदलता है या नहीं, यही इस मामले की अगली बड़ी कसौटी होगी।