समर न्यूज | चंडीगढ़
अमृतपाल सिंह के नेतृत्व वाले अकाली दल (वारिस पंजाब दे) ने आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए पंजाब में अपना संगठन मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष तरसेम सिंह के नेतृत्व में संगठन विस्तार के साथ राज्य के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक मुद्दों पर व्यापक चर्चा की तैयारी है। अमृतपाल सिंह असम की डिब्रूगढ़ जेल में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत बंद हैं, इसलिए पार्टी की गतिविधियों में अन्य वरिष्ठ नेताओं की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है।
पार्टी ने इंदरपाल सिंह झूंदा की अध्यक्षता में चर्चा और एजेंडा समिति गठित की है। बलदीप सिंह को इसका संयोजक बनाया गया है। समिति में शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, पूर्व अधिकारियों, किसान संगठनों के प्रतिनिधियों, पत्रकारों और कानूनी विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य किसानों, कर्मचारियों, युवाओं, महिलाओं, पानी, कृषि, सामाजिक न्याय और पंजाब की अर्थव्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सुझाव लेकर पार्टी की भावी नीतियां तय करना है।
अक्टूबर में तरनतारन में जिला कार्यालय का उद्घाटन और मोहाली में पुआध क्षेत्र के कार्यालय की शुरुआत संगठन के विस्तार की दिशा में उठाए गए कदम हैं। पार्टी ने तीन सदस्यीय समन्वय समिति भी बनाई है, जो समान विचारधारा वाले राजनीतिक संगठनों, किसान-मजदूर यूनियनों तथा सामाजिक और धार्मिक समूहों से बातचीत करेगी। अगले पखवाड़े में इन संपर्कों और एजेंडा तैयार करने की प्रक्रिया पर नजर रहेगी।
{पंजीकरण बना अहम मुद्दा…
पार्टी का चुनाव आयोग में राजनीतिक दल के रूप में पंजीकरण अभी कानूनी प्रक्रिया में है। इसके नेताओं ने राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात कर प्रक्रिया में देरी का मुद्दा उठाया है। संगठन ने कहा है कि पंजीकरण लंबित रहने के बावजूद वह 2027 के चुनाव में हिस्सा लेने की तैयारी करेगा। दिल्ली हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई नवंबर में निर्धारित बताई गई है।
{अगले 15 दिन क्यों अहम…
आने वाले दिनों में समिति की बैठकों, विभिन्न वर्गों से मिले सुझावों और संगठन के विस्तार से पार्टी की प्राथमिकताएं अधिक स्पष्ट हो सकती हैं। हालांकि, उसके भावी चुनावी प्रभाव का आकलन अभी जल्दबाजी होगा। पंजीकरण की स्थिति, उम्मीदवारों के चयन और दूसरे दलों के साथ संभावित तालमेल पर होने वाले फैसले उसकी आगे की रणनीति को प्रभावित करेंगे।